श्रीमंत दगडूसेठ गणपति मंदिर को ‌‘अ‌’ वर्ग पर्यटन स्थल का दर्जा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की महत्वपूर्ण घोषणा : परिसर के विकास और सुविधाओं हेतु मिलेगा विशेष फंड

    20-May-2026
Total Views |
 
bfbgf
 
बुधवार पेठ, 19 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

दुनिया भर के करोड़ों गणेश भक्तों के आराध्य देव और महाराष्ट्र के गौरव श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति मंदिर को महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‌‘अ‌’ वर्ग (क्लास ‌‘ए‌’) पर्यटन स्थल का दर्जा प्रदान किया है. इसकी आधिकारिक घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है. बताया जा रहा है कि इस निर्णय से पुणे के सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बड़ी गति मिलेगी. इस संबंध में ट्रस्ट के महासचिव और विधायक हेमंत रासने ने प्रयास कर लगातार पैरवी की थी. मंदिर को ‌‘ए‌’ ग्रेड का दर्जा मिलने के कारण, सरकार द्वारा आसपास के क्षेत्र के विकास और श्रद्धालुओं की सुखसुि वधाओं के लिए विशेष फंड (निधि) उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, व्हीलचेयर रैंप, बेहतर सुरक्षा प्रणाली और पीने के पानी की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा. इस ऐतिहासिक निर्णय के कारण अब वैेिशक स्तर पर पुणे के सम्मान में एक और चार चांद लग गए हैं, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में और मदद मिलेगी. ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने बताया कि इसके माध्यम से अगले पांच वर्षों में लगभग 20 से 25 हजार रोजगार के अवसरों का निर्माण होगा.  
दुनियाभर से दर्शन करने के लिए आते हैं श्रद्धालु

 श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति मंदिर में हर दिन 50 से 55 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. संकष्टी चतुर्थी के दिन तो यह संख्या 2 से 3 लाख और गणेशोत्सव के दौरान डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं तक पहुंचती है. साथ ही हर महीने दुनिया भर के विभिन्न देशों से लगभग दो हजार पर्यटक मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं.  
 
  मंदिरों का सामाजिक कार्य ही वास्तविक कर्मयोग

 मंदिर समाज द्वारा निर्मित एक विशिष्ट और अनूठी संरचना हैं. वे किसी एक व्यक्ति या चार-पांच ट्रस्टियों के नहीं होते. कई परिवारों का जीवन मंदिर के सहारे ही चलता है. मंदिर आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं. इसलिए, मंदिर में पैसा आना चाहिए, क्योंकि उसका उपयोग समाज की भलाई के लिए किया जाता है. इसके माध्यम से मंदिर समाज में सकारात्मक कार्य करते हैं, और यही वास्तविक कर्मयोग है. कर्म को मोरया (भगवान गणेश) से जोड़ा गया है. यह प्रतिपादन प.पू. गाणपत्य विद्यावाचस्पति स्वानन्द पुण्ड शास्त्री महाराज ने किया. वे श्री गणेश गीता के भक्तियोग पर निरूपण (व्याख्या) करते हुए बोल रहे थे. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से इस प्रवचनमाला का आयोजन किया गया है. इसमें यवतमाल वणी के प.पू. स्वानंद पुंड शास्त्री महाराज निरूपण कर रहे हैं. श्रीमंत थोरले बाजीराव रोड पर स्थित नू.म.वि. स्कूल और जूनियर कॉलेज के सभागार में इस प्रवचनमाला का उदघाटन हुआ. दीप प्रज्ज्वलन के अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी, महासचिव एवं विधायक हेमंत रासने उपस्थित थे. स्वानंद पुंड शास्त्री महाराज ने कहा, जरूरतमंद लोगों की सेवा ही मोरया (भगवान गणेश) की सेवा है. ‌‘जनसेवा ही ईेशर सेवा है‌’ यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश है और मंदिर इसी वजह से समाज में विशेष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. - प.पू. स्वानन्द पुण्ड शास्त्री महाराज
 
bfbgf