37,772 बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त सोलर पैनल मिलेगा

पुणे विभाग के 9.54 लाख ग्राहक पात्र; केंद्र व राज्य सरकार दे रही सब्सिडी, 25 साल मिलेगी मुफ्त बिजली

    21-May-2026
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पुणे, 20 मई (आ. प्र.)

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति देने के लिए मई महीने को देशभर में सोलर महीने के रूप में मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार की स्वयंपूर्ण महाराष्ट्र आवासीय रूफ टॉप योजना के तहत पुणे जोन के पात्र 9,54,354 घरेलू उपभोक्ताओं को अपने घर की छत पर 1 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्रोजेक्ट) बेहद मामूली खर्च पर लगाने का सुनहरा अवसर मिला है. महावितरण पुणे जोन के मुख्य अभियंता सुनील काकड़े ने बताया कि स्मार्ट योजना के माध्यम से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सौर ऊर्जा क्रांति से जोड़ने का महावितरण का संकल्प है. 1 किलोवाट का यह प्रोजेक्ट उपभोक्ताओं को बिजली बिल के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएगा. इस विशेष अभियान के तहत पुणे जोन के लिए कुल 37,772 सोलर प्रोजेक्ट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक पुणे में 35,529 उपभोक्ताओं के छतों पर सोलर सिस्टम सफलतापूर्वक इंस्टॉल किया जा चुका है. किन्हें मिलेगा सीधा लाभ? इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देना है, जिनका मासिक बिजली खर्च 100 यूनिट से कम है. इस प्रोजेक्ट को लगाने के बाद पात्र उपभोक्ताओं को अगले 25 वर्षों तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा. यह योजना पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लागू की जा रही है.योजना के प्रचार-प्रसार के लिए महावितरण ने पुणे जोन में दो दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान चलाया है. इच्छुक उपभोक्ता केंद्र सरकार के पीएम सूर्यघर मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं. अधिक जानकारी या आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए महावितरण के नजदीकी उप-विभागीय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है.  
 

कितना देना होगा पैसा और कितनी मिलेगी सब्सिडी?
1 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से 30,000 रुपये और राज्य सरकार (महाराष्ट्र शासन) की ओर से 17,500 रुपये तक की सब्सिड़ी दी जा रही है. इसके बाद लाभार्थियों को केवल इस प्रकार मामूली राशि का भुगतान करना होगा.
 
उपभोक्ता वर्ग लाभार्थी को देना केंद्र व राज्य सरकार होगा (रुपये) का अनुदान
 गरीबी रेखा के केवल 2,500 रुपये शेष पूरी राशि सरकार देगी
नीचे उपभोक्ता
अनुसूचित जाति केवल 5,000 रुपये शेष पूरी राशि सरकार देगी
एवं जनजाति
आर्थिक रूप से केवल 10,000 रुपये शेष पूरी राशि सरकार देगी
कमजोर सामान्य वर्ग
परियोजना की बाकी पूरी रकम केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सीधे सब्सिड़ी के रूप में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे गरीब उपभोक्ताओं पर कोई बड़ा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.