(प्रसाद पाठक द्वारा) पुणे, 21 मई वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) देशभर में लागू होने के बाद भी पुणे विभाग में जीएसटी की अपीलीय केसेस 35 हजार के आसपास लंबित हैं. लेकिन पुणे में अब तक पूर्ण रूप से जीएसटी अपीलीय ट्रिब्युनल (जीएसटीएटी) कार्यान्वित नहीं हुआ है. हाल ही में आकुर्डी में टेंम्परेरी स्वरूप में ट्रिब्युनल के लिए जगह दी गई है. मनपा द्वारा पाषाण-बाणेर लिंक रोड पर एक जगह मंजूर की है, लेकिन येरवड़ा में ही राज्य जीएसटी कार्यालय की बिल्डिंग में ही जीएसटी अपीलीय ट्रिब्युनल स्थापित हो, यह मांग व्यापारी और टैक्स प्रैक्टिसनर्स द्वारा की जा रही है. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 2017 मे देश में लागू हुआ. दिल्ली में जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल का कार्यालय है. वहां पर अधिकारी एवं कर्मचारी भी नियुक्त किए गए है. लेकिन पुणे में अब तक जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल का कार्यालय एक ही जगह पर कार्यान्वित नहीं हुआ है. इसलिए अभी भी टैक्सपेयर्स, टैक्स प्रैक्टिसनर्स को कई गंभीर व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऑनलाइन में भी कई दिक्कतें आती हैं. ऐसे में ट्रिब्यूनल के दायरे में पुणे, सांगली, सातारा, सोलापुर, कोल्हापुर, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरि, धाराशिव ये 8 जिले शामिल हैं. ट्रिब्यूनल का दायरा भी बड़ा है. पिछले कई वर्षों से 35 हजार के आसपास केसेस लंबित हैं. ऐसे में हाल ही में राज्य सरकार द्वारा आकुर्डी में दी गई जगह येरवडा से भी काफी दूर है. ऑनलाइन का पर्याय दिया है, लेकिन हर बार ऑनलाइन का पर्याय काम में नहीं आ सकता, इसलिए एक ही परिसर में जीएसटी भवन के साथ ही ट्रिब्यूनल का कार्यालय हो तो कामकाज में भी देरी नहीं होगी. बहुत सारे लंबित काम और केसेस भी जल्दी से निपटने में आसानी हो सकती है. महाराष्ट्र टैक्स प्रैक्टिसनर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और ऑल इंडिया टैक्स प्रैक्टिसनर्स एसोसिएशन (वेस्ट जोन) के उपाध्यक्ष नरेंद्र सोनवणे ने कहा कि, हम सभी पुणे में जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल (जीएसटीएटी) के पूर्ण रूप से कार्यरत होने की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं. हालांकि, अभी भी कई गंभीर व्यावहारिक समस्याओं पर तत्काल ध्यान दिए जाने की भी आवश्यकता है. विशेष रूप से प्रस्तावित कार्यालय परिसर की उपयुक्तता, उसकी दूरी और पहुंचने में आ रही कठिनाइयों पर भी गंभीरता से विचार करना जरूरी है. येरवडा में राज्य जीएसटी का कार्यालय है और आकुर्डी में ट्रिब्यूनल का कार्यालय टेम्परेरी से शुरू किया है. लेकिन आकुर्डी और येरवड़ा का अंतर काफी दूर है. बाणेर-पाषाण लिंक रोड पर मनपा द्वारा 9 हजार स्क्वेयर फीट की जगह निश्चित की गई है. लेकिन वहां पर पर्याप्त पार्किंग की सुविधा नहीं है. साथ ही आवश्यक अधोसंरचना और कर्मचारियों की भी सीमित क्षमता है. वहां पर केवल 4 पार्किंग की व्यवस्था है. यह सुविधा भी काफी कम है. इसलिए एसोसिएशन की राज्य सरकार से गुजारिश है की, ट्रिब्युनल का कार्यालय येरवड़ा में ही बनाया जाए तो सभी के लिए आसान हो जाएगा. नरेंद्र सोनावणे ने कहा कि, इन वास्तविक और महत्वपूर्ण चिंताओं को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा तत्काल ध्यान दिए जाने की अपेक्षा एसोसिएशन ने की है. ताकि पुणे को ऐसा जीएसटीएटी प्राप्त हो जो प्रभावी, सुगम और करदाताओं तथा कर पेशेवरों की आवश्यकताओं को सक्षम रूप से पूरा कर सके. जीएसटीएटी में साधारणतः सौ कर्मचारी कार्यरत रहते हैं. इसमें सीजीएसटी और एसजीएसटी द्वारा नियुक्त कर्मचारी कार्यरत रहते हैं.