भारत विश्व का बड़ा रक्षा उत्पाद निर्यातक बनेगा

    24-May-2026
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धार्मिक धार्मिक नगरी शिर्डी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार काे यहां एक निजी कंपनी के डिफेंस मैन्युफै्नचरिंग काॅमप्ले्नस का शनिवार काे उद्घाटन किया. इस दाैरान उन्हाेंने कहा कि सरकार का रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी काे 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य है और अगले 25-30 साल में भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बन सकता है. रक्षा मंत्री ने कहा कि यहां सालाना पांच लाख ताेप के गाेले, ड्राेन व मिसाइलें बनेंगी. इससे 2000 से ज्यादा लाेगाें काे प्रत्यक्ष राेजगार मिलेगा और रक्षा क्षेत्र में देश पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा.राजनाथ सिंह ने कहा कि निजी कंपनियां अब सिर्फ छाेटे-छाेटे पुर्जे नहीं बना रहीं, बल्कि आधुनिक हथियार और रक्षा सिस्टम भी तैयार कर रही हैं.
 
उन्हाेंने कहा कि जब सरकार की साेच और निजी क्षेत्र की नई तकनीक साथ आती है, ताे देश तेजी से आगे बढ़ता है. उन्हाेंने सभी से मिलकर भारत काे गाेला-बारूद और ऑटाेमेशन का बड़ा केंद्र बनाने की अपील की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व रक्षा प्रमुख (सीडीएस) अनिल चाैहान भी माैजूद रहे.रक्षा राजनाथ सिंह ने अपने संबाेधन में रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियाें की बढ़ती भूमिका पर विशेष जाेर दिया. उन्हाेंने कहा कि अब निजी क्षेत्र की कंपनियां केवल नट और बाेल्ट जैसे छाेटे पुर्जे बनाने तक सीमित नहीं हैं. ये कंपनियां अब देश के लिए आधुनिक और उच्च तकनीक वाली हथियार प्रणालियां भी तैयार कर रही हैं। रक्षा मंत्री के अनुसार, जब सरकार की दूरगामी साेच और निजी क्षेत्र के नए प्रयाेग एक साथ मिलते हैं, ताे देश विकास की नई ऊंचाइयाें काे छूता है.
 
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी निबे लि. ने इस काॅम्प्लेक्स के लिए 3 हजार कराेड़ रुपये निवेश की बात कही है. काॅम्प्लेक्स 200 एकड़ में फैला है. यहां आधाआधा किलाेमीटर के 6 बड़े डाेम तैयार हैं. कंपनी के मुताबिक सालाना 5 लाख ताेप के गाेले बनाने के लिए 2 असेंबली लाइनें लगाई जा रही हैं. साथ ही डिफेंस ड्राेन और आरडीएक्स से जुड़े प्राेजेक्ट्स भी खड़े किए जा रहे हैं. निबे लि. के एम.डी.गणेश निबे का कहना है कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता नीति से एमएसएमई काे बड़े माैके मिल रहे हैं. निबे समूह पूरे जिलें में 10 हजार कराेड़ रु. का निवेश करने का दावा कर रहा है. औद्याेगिक विकास अधिकारी गणेश राठाैड़ के मुताबिक समृद्धि महामार्ग, शिरडी इंटरनेशनल एयरपाेर्ट पर इंटरनेशनल कार्गाे टर्मिनल, जमीन-पानी की उपलब्धता के चलते सरकार शिर्डी डिफेंस क्लस्टर काे ‘स्ट्रैटेजिक लाेकेशन’ के ताैर पर विकसित कर रही है.