अमेरिकी विदेश सचिव मार्काे रुबियाे और विदेश मंत्री डाॅ. एस. जयशंकर के बीच रविवार काे हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई. इस दाैरान भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी काे और मजबूत करने पर जाेर दिया गया.दाेनाें नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधाें के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दाें पर गहन चर्चा की. इसके बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में रुबियाे ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीयाें का 20 अरब डाॅलर से ज्यादा का याेगदान है. उन्हाेंने दाेनाें देशाें की दाेस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीयाें की टे्ननाेलाॅजी, उद्याेग, मेडिकल सहित विभिन्न क्षेत्राें में अहम राेल है.संयुक्त प्रेस वार्ता में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रुबियाे ने कहा, जाहिर है, हमारे संबंध हैं और हम दुनिया भर के देशाें के साथ काम करते हैं. हमें ऐसा करने की आवश्यकता भी है, ठीक वैसे ही जैसे भारत करता है. एक रणनीतिक साझेदारी बहुत अलग हाेती है. यह उससे कहीं अधिक व्यापक है.
रुबियाे ने अमेरिका में भारतीयाें के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियाें और भेदभाव के सवाल पर निराशा जताई. उन्हाेंने कहा कि ऐसे बयान पूरे अमेरिकी समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते. रुबियाे से अमेरिका में भारतीयाें के खिलाफ नस्लवाद की घटनाओं पर सवाल पूछा गया था. इस पर उन्हाेंने कहा, हर देश में कुछ बेवकूफ लाेग हाेते हैं जाे ऑनलाइन या फिर सरेआम आपत्तिजनक बातें करते हैं, लेकिन इससे किसी देश की असली पहचान तय नहीं हाेती.रुबियाे ने भारत से रणनीतिक मुद्दाें पर कहा कि एक रणनीतिक साझेदारी तब हाेतीै, जब दाे देशाें के हित एक समान हाेते हैं और आप उन समस्याओं काे हल करने के लिए रणनीतिक रूप से मिलकर काम करते हैं. संयुक्त प्रेस वार्ता में जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच राजनीतिक समझ एक रणनीतिक साझेदारी से उपजी है, जाे कई क्षेत्राें में राष्ट्रीय हिताें पर आधारित है. उन्हाेंने बताया कि अमेरिकी विदेश सचिव की प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी से मुलाकात के दाैरान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दाें पर चर्चा हुई.