पुणे के नागरिकाें पर पानी का संकट गहरा सकता है, क्याेंकि खड़कवासला बांध श्रृंखला परियाेजना में कुल जलसंग्रह केवल साढ़े सात टीएमसी ही शेष रह गया है. पानशेत बांध का जलसंग्रह शून्य भी प्रतिशत पर पहुंच गया है. पुणे मनपा तथा सिंचाई विभाग के लिए तत्काल जल नियाेजन करना आवश्यक हाे गया है. वर्तमान स्थिति में खडकवासला, पानशेत, टेमघर और वरसगांव इन चार प्रमुख बांधाें में मिलाकर केवल 25 प्रतिशत पानी ही शेष है.खेती के लिए पानी पर प्रतिबंध सिंचाई विभाग ने खड़कवासला नहर से दाैंड, इंदापुर और बारामती क्षेत्र की खेती के लिए छाेड़े जाने वाले पानी पर 30 मई के बाद प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है.इस वर्ष बारिश कम हाेने का अनुमान माैसम विभाग ने जताया है.इसलिए यदि पानी का सख्ती से नियाेजन नहीं किया गया ताे पुणे शहर सहित आसपास के क्षेत्राें में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हाे सकती है, ऐसी चिंता व्यक्त की जा रही है.