देश के रियल एस्टेट बाजार में अप्रैल 2026 के दाैरान सुस्ती देखने काे मिली.घराें की बिक्री और नए प्राेजेक्ट लाॅन्च दाेनाें पर दबाव रहा. बढ़ती कीमतें, बड़े टिकट साइज और कमजाेर अफाॅर्डेबिलिटी की वजह से खरीदाराें की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है.नुवामा की रिपाेर्ट के मुताबिक, मार्च में युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियाें का असर देखने काे मिला था और अप्रैल में भी इसका असर बना रहा. अप्रैल 2026 में घराें की बिक्री वैल्यू के हिसाब से सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन महीने-दर-महीने इसमें 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई. वहीं नए प्राेजेक्ट लाॅन्च की बात करें ताे अप्रैल में लाॅन्च वैल्यू 34 प्रतिशत महीने-दर-महीने और 14 प्रतिशत सालाना आधार पर गिर गई.हालांकि उध26 की शुरुआत से अब तक कुल बिक्री वैल्यू 10 प्रतिशत और लाॅन्च 8 प्रतिशत बढ़े हैं.
रिपाेर्ट के मुताबिक, अप्रैल में दक्षिण भारत के शहराें में घराें की मांग बाकी शहराें के मुकाबले बेहतर रही. खासकर बेंगलुरु ने बाजार काे काफी हद तक संभाला. उध26 में अब तक बेंगलुरु में बिक्री वैल्यू 42 प्रतिशत बढ़ी है.चेन्नई और काेलकाता में भी 16-21 प्रतिशत की बढ़ाेतरी दर्ज हुई. बाकी शहराें में बिक्री की रफ्तार काफी धीमी रही.वाॅल्यूम के हिसाब से अप्रैल में बिक्री 8 प्रतिशत बढ़ी, जबकि एरिया के हिसाब से मांग में सिर्फ 3 प्रतिशत की बढ़ाेतरी हुई है. इससे साफ है कि लाेग बड़े और महंगे घर खरीद रहे हैं, लेकिन खरीदाराें की संख्या तेजी से नहीं बढ़ रही.रिपाेर्ट में कहा गया है कि देश के ज्यादातर शहराें में घराें की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. चेन्नई में कीमताें में सबसे ज्यादा 28 प्रतिशत की बढ़ाेतरी हुई्। वहीं एनसीआर और बेंगलुरु में कीमतें 13-16 प्रतिशत तक बढ़ीं. सिर्फ कीमत ही नहीं, घराें का औसत टिकट साइज भी तेजी से बढ़ा है.