बुधवार पेठ, 28 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) श्रीमंत दगडूसेठ गणपति मंदिर में ब्रह्मणस्पति सूक्त होम, ऋग्वेद संहिता स्वाहाकार, कृष्ण यजुर्वेद स्वाहाकार, सामवेद स्वाहाकार और अथर्ववेद स्वाहाकार का आयोजन किया गया है. अधिक मास के उपलक्ष्य में मंदिर में यह चतुर्वेद स्वाहाकार संपन्न हो रहा है. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट की ओर से आयोजित चतुर्वेद स्वाहाकार के अंतर्गत ब्रह्मणस्पति सूक्त होम की शुरुआत ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने और संगीता रासने के हाथों हुई. वेदमूर्ति नटराज शास्त्री के पौरोहित्य में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे के बीच मंदिर में चतुर्वेद स्वाहाकार चल रहा है. रविवार, 31 मई को धुंडीविनायक पूर्णिमा के अवसर पर पूर्णाहुति, महाआरती और इसका समापन होगा. गाणपत्य संप्रदाय में ज्योतिष शास्त्र से संबंधित भगवान गणेश का अवतार यानी श्री ढूंढिराज अवतार है. उनकी उपासना का विशेष महत्व होने के कारण इस महीने को गाणपत्य संप्रदाय में ढूंढिराज मास कहा जाता है. इस अवधि में श्री गणेश मूर्ति (विग्रह) की पूजा, श्री गणेश को दूर्वा अर्पण (दुर्वार्चन), गणेश ग्रंथों का पारायण और गणेश मंत्र जप का विशेष महत्व है. इसी उद्देश्य से मंदिर में ‘चतुर्वेद स्वाहाकार’ का आयोजन किया गया.