बापू की इच्छा थी हिंदी देश की राष्ट्रभाषा बने : उल्हास पवार

    29-May-2026
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 पुणे, 28 मई (आ.प्र.)

समारोह के अध्यक्ष उल्हास पवार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की हिंदी भाषा देश की राष्ट्रभाषा होने की कामना थी. महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा,पुणे संस्था का वर्धापनदिन समारोह 22 मई को संपन्न हुआ. इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष उल्हास पवार बोल रहे थे. अपने भाषण में उन्होंने आगे कहा कि, म.गांधी की प्रेरणा से म.मो.दत्तो वामन पोतदार, शंकरराव देव ने महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे संस्था की स्थापना की. इन महानुभवों का हिंदी भाषा संबंधी बहुमूल्य योगदान रहा है. गो.प.नेने और श्रीपाद जोशी इन्होंने सन-1965 वर्ष में हिंदी मराठी शब्दकोश निर्माण किया था. आज संस्था द्वारा वह नए स्वरूप में तैयार हुआ. उसका विमोचन संस्था के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के हाथों से किया गया. इस अवसर पर संस्था के कार्याध्यक्ष डॉ. नीला बोरवणकर, सुनिल देवधर ने संस्था के प्रति अपने विचार व्यक्त किए. वर्ष-1937 में स्थापित हुई संस्था 90 वर्ष में पदार्पण कर रही है.विगत 89 वर्षों से संस्था हिंदी परीक्षाएं, प्रतियोगिताएं, द्वैमासिक पत्रिका प्रकाशन (राष्ट्रवाणी), साहित्यिक संगोष्ठी, शिक्षक-प्रचारक शिविरों का आयोजन कर रही है. समारोह में संस्था के वेिशस्त विरूपाक्ष अंकलकोटे और पदाधिकारी समेत संस्था से जुड़े हिंदी प्रेमी और मान्यवर उपस्थित थे. महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे के रिनोवेटेड पुस्तक भंडार का भी वर्धापन दिन पर वहीं पर उद्घाटन किया गया. समारोह का संचालन सुनेत्रा गोंदकर व सुचित्रा कुलकर्णी ने किया. सभी के आभार श्रुतिका सालुंके ने माने.