बुधवार पेठ, 2 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) भीषण गर्मी से भक्तों की रक्षा हो, अकाल और पानी की किल्लत दूर हो तथा किसानों की समस्याओं का समाधान हो. ऐसी मंगल कामना करते हुए श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति बाप्पा को शहाले महोत्सव (नारियल उत्सव) के दौरान 5 हजार कच्चे नारियल (शहाले) का महानैवेद्य अर्पित किया गया. मान्यता है कि, वैशाख शुद्ध पूर्णिमा के शुभ दिन, भगवान शिव और माता पार्वती के घर दुर्मति राक्षस के वध के लिए पुष्टिपति विनायक का अवतार हुआ था. इसी स्मृति में मंदिर में इस विशेष शहाले महोत्सव का आयोजन श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से मंदिर में किया गया. इस अवसर पर पंडित रघुनंदन पणशीकर ने अपनी गायन सेवा अर्पित की. साथ ही मंदिर में गणेश याग का भी आयोजन किया गया. भारतीय संस्कृति में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है. उत्तर भारत में इसी दिन बैसाखी का त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. मंदिर के गर्भगृह और सभा मंडप में नारियल और वृक्षों की नयनरम्य सजावट की गई थी. ट्रस्ट की ओर से इस महोत्सव के पश्चात नारियल का प्रसाद ससून अस्पताल के मरीजों को वितरित किया गया. श्री गणेश के पुष्टिपति अवतार का संदर्भ श्रीगणेश पुराण और मुद्गगल पुराण में भगवान श्री गणेश के पुष्टिपति अवतार का संदर्भ मिलता है. मान्यता है कि, इस अवतार में, पुष्टी भगवान विष्णु के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेती हैं और श्री गणेश विनायक के स्वरूप में शिव-पार्वती के घर जन्म लेते हैं.