आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष होने पर समारोह संपन्न

उपराष्ट्रपति ने की युवा विकास, शिक्षा, उद्यमिता व पर्यावरण संरक्षण योजनाओं की शुरुआत

    30-May-2026
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बेंगलुरु, 29 मई (आ.प्र.)

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में युवा विकास, उद्यमिता, स्थिरता, चेतना अध्ययन और शिक्षा से संबंधित पांच प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ किया. यह आयोजन द आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने और गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर के 70वें जन्मवर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया. इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ द आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्षों की सेवा, सामाजिक परिवर्तन और वैेिशक शांति में योगदान को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट का भी अनावरण किया. नई पहलों में यूथ करियर एक्सीलेंस प्रोग्राम, फैकल्टी ऑफ ईस्टर्न नॉलेज सिस्टम्स, आर्ट ऑफ लिविंग इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप इंक्यूबेशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन कॉन्शियसनेस स्टडीज एंड ह्यूमन पोटेंशियल तथा इको शांति शामिल हैं. उपराष्ट्रपति ने कहा कि द आर्ट ऑफ लिविंग आज 182 देशों में सक्रिय है और करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है. उन्होंने कहा कि 45 वर्ष पहले शुरू हुआ यह आंदोलन आंतरिक शांति और वैेिशक सद्भाव का सशक्त माध्यम बन चुका है. उन्होंने गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की विनम्रता, नेतृत्व और मानवता के प्रति समर्पण की भी सराहना की. गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने अपने संबोधन में कहा कि ध्यान आज की आवश्यकता बन चुका है और स्वस्थ, तनावमुक्त जीवन के लिए ज्ञान, ध्यान और संगीत का साथ आवश्यक है. उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम्‌‍ की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. महीने भर चले इस उत्सव में देश-विदेश के 678 विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्योगपति मुकेश अंबानी, अभिनेता रजनीकांत, जैकी श्रॉफ सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व कार्यक्रम का हिस्सा बने. समारोह ने सेवा, संस्कृति, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों के वैेिशक संदेश को नई ऊर्जा प्रदान की.