‌‘हैलो जिंदगी‌’ ने 90 मिनट में छू लिए सैकड़ों दिल

मोटिवेशनल स्पीकर द्वारका जालान के प्रेरक संवादों ने हंसाया भी, रुलाया भी और एहसास भी दिलाया

    30-May-2026
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नवी पेठ, 29 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 नवी पेठ का एस. एम. जोशी सभागार उस समय भावनाओं के रंगों से सराबोर हो गया, जब प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर द्वारका जालान ने अपने अनूठे टॉक शो ‌‘हैलो जिंदगी‌’ के माध्यम से श्रोताओं को जीवन का नया नजरिया दिया. 90 मिनट के इस कार्यक्रम में कभी हंसी के ठहाके गूंजे, तो कभी आंखें नम हो गईं. किस्सों, कहानियों, चुटकुलों और मधुर गीतों के जरिए जिंदगी के गहरे सच बेहद सरल अंदाज में सामने आए. प्रसिद्ध गायक संदीप पंचवाटकर के संगीत ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया. रिश्तों, दोस्ती, परिवार और जीवन के संघर्षों पर द्वारका जालान की बातें सीधे दिल तक पहुंचीं. सभागार में मौजूद हर व्यक्ति खुद को किसी न किसी प्रसंग से जुड़ा हुआ महसूस कर रहा था. कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जिंदगी को केवल जीना नहीं, बल्कि महसूस करना भी जरूरी है. भावनाओं, प्रेरणा और आत्ममंथन से भरपूर यह शाम लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बनी रहेगी. ‌‘हैलो जिंदगी‌’ ने सचमुच लोगों को जिंदगी से दोबारा बात करना सिखा दिया. इस दौरान मंच पर उपस्थित सभी महानुभवों ने इस कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा की और सभी की यही मंशा थी, यह कार्यक्रम देश के हर एक कोने में जाना ही चाहिए. विजय भंडारी, ईेशरचंद गोयल एवं कृष्णकुमार गोयल ने आगामी दिनों में कुछ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा भी की. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कुछ विभूतियों को सन्मानित किया गया, मुख्य रुप से उनमें थे, राजकुमार बंसीलाल अग्रवाल, ईेशरचंद गोयल, कृष्णकुमार गोयल, विजय भंडारी, प्रेमचंद बाफना, पवन सराफ, नरेश मित्तल, आनंद अग्रवाल. वहीं जालान परिवार से द्वारका जालान की पत्नी सुधा, भाई विजय एवम संजय, पुत्र समीर जालान सहित अतुल गोयल, श्रीमती गीतादेवी गोयल, विनोद मित्तल, नरेंद्र गोयल (अध्यक्ष, ब्रदरहूड क्लब), नीता अग्रवाल, उषा तुलस्यान, लायन्स क्लब के भूतपूर्व गवर्नर दीपक शहा, रमेश शहा, सी. डी. शेठ, श्रीकांत सोनी, श्रीमती चंद्रकला शेट्टी, राजकुमार राठोड, शाम खंडेलवाल, लायन्स क्लब पूना गणेशखिंड के सदस्य, लेट्स मिट के सदस्य, ‌‘मस्त‌’ ग्रुप के सदस्य एवम्‌‍ अग्रवाल समाज के सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कार्यक्रम में उपस्थित थे. लायन्स क्लब ऑफ पूना गणेशखिंड के अध्यक्ष गोपालकृष्ण अग्रवाल ने उपस्थितों का स्वागत किया, एवम्‌‍ सचिव जिनु लोढा ने धन्यवाद प्रस्तुत किया. हैलो जिंदगी इस कार्यक्रम का आयोजन लायन्स क्लब ऑफ पूना गणेशखिंड ने किया. द्वारका जालान ने कहा, आप किसी की भी मदद कैसे भी कर सकते है. हर बार लाख करोड़ रुपयों की जरुरत नहीं होती. बस मन होना चाहिये. पती-पत्नी के बारे में, रिश्तों के बारे में बताते हुए वे खुद भी और श्रोता भी भावुक हो गये. दोस्तों के बारे में और दोस्ती के बारे में बताते हुए द्वारका जालान के शब्द मानों श्रोताओं के कानों से दिल को छू रहे थे कि, नोट इकट्ठा मत करिये, बदल जाते हैं, दोस्त इकठ्ठा करिये, पुराने भी चल जाते हैं.. अनेकों किस्से, कहानियां, प्रसंग, चुटकुले और गीतों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए द्वारका जालान ने सब को ऐसे बांधे रखा, ऐसा समा बनाये रखा की हैलो जिंदगी के 90 मिनट कब पूरे हुए पता ही नहीं चला.  
 
 जिंदगी.. हंसने-गाने के लिये है पल.. दो पल
रोज अखबारों में छपी खबरें विचलित करती हैं, कभी किसी पर किसी सरफिरे ने एसीड फेंक दिया, तो कभी किसी का खून, कभी रेप तो कभी आत्महत्या. क्यूं भाई, जान क्यूं देनी है, और लेनी भी क्यूं है..? इतनी खूबसूरत है जिंदगी, जिओ इसे, व्यर्थ क्यों गवां रहे हो..? ऐसे सटीक सवालों और चिंताओं का जिक्र करते हुए द्वारका जालान बोले, आपके जाने के बाद तिसरी पिढी आपकी तस्वीर भी नहीं रहने देगी.
 
रुक जाना नहीं, तू कहीं हार के..

 द्वारका जालान ने पूछा, कभी खुद को फोन मिलाकर देखा है ? एंगेज टोन सुनाई देगा, क्यूंकी, औरों से मिलने में सारे मस्त हैं, अपने आपसे मिलने की सारी लाइनें व्यस्त हैं. अपने आप से नहीं मिल पाए. बातों ही बातों में उन्होंने जिंदगी की व्याख्याएं, धर्म के नाम पर आडंबर, आज का युवा और उसके पारिवारिक संबंध, खत्म होते रिश्ते, बढ़ती हुई उम्र का तकाजा देते हुए कहा, कभी भी हारना नहीं है, थकना नहीं है, रुकना नहीं है.