हड़पसर, 30 मई (आ.प्र.) हड़पसर के पांढरेमला क्षेत्र में घटित जहरीली शराब प्रकरण में मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केवल शराबबंदी नहीं, बल्कि नशामुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाना अधिक आवश्यक है, यह राय विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोर्हे ने व्यक्त की. डॉ. गोऱ्हे ने शनिवार को प्रभावित परिवारों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशानुसार राहुल क्षीरसागर, अरुण डाडर, अशोक चव्हाण और विजय शर्मा के परिवारों को शिवसेना पार्टी तथा डॉ. नीलम गोऱ्हे की ओर से नकद एवं धनादेश के माध्यम से आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई. इस अवसर पर नाना भानगिरे, मारुती आबा तुपे, दत्ता खवले, संदीप शिंदे, मोहित काकडे, मयूरी बामणे, निशा थोरात सहित अनेक शिवसैनिक उपस्थित थे. इस अवसर पर डॉ. गोऱ्हे ने कहा कि मृत व्यक्तियों के परिवार अधिकांशतः असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं, इसलिए प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए. साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को शासन की योजनाओं का तत्काल लाभ मिले तथा परिवार के अन्य सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे. डॉ. गोऱ्हे ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की ओर से हुई कथित देरी की जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा, रोगियों को तत्काल उपचार मिलने के बजाय आर्थिक पक्षों को प्राथमिकता दी गई. इसके कारण कुछ रोगियों को समय पर सहायता नहीं मिल सकी. उन्होंने बताया कि पुणे मनपा को भी मृतकों के परिवारों को अनुग्रह अनुदान प्रदान करना चाहिए. इस संबंध में उन्होंने महापौर मंजूषा नागपुरे को फोन पर सुझाव दिया है. उन्होंने वेिशास व्यक्त किया कि राज्य सरकार भी इस मामले में संवेदनशील है और उचित सहायता प्रदान की जाएगी.