दिल्ली के शाहदरा इलाके में बिल्डिंग में आग लगने से 9 लाेग जिंदा जलकर माैत हाे गई. शुरुआती जांच में एसी फटने के बाद भीषण आग लगी. इसमें सभी ने तड़प-तड़प कर दम ताेड़ा. बता दें कि पहली मंजिल पर लगी आग ने पूरी बिल्डिंग काे चपेट में लिया.मृतकाें में 5 लाेग एक ही परिवार के बताए गए. बैड, सीढ़ियाें तथा गैलरी में जले हुए कंकाल मिले. भारी मश्नकत के बीच 15 लाेगाें काे बचाया गया. राजधानी के विवेक विहार इलाके में दर्दनाक हादसा हुआ. मरने वालाें में 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक डेढ़ साल का बच्चा शामिल है. दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, उन्हें सुबह करीब 3.47 बजे आग लगने की सूचना मिली थी.
4 घंटाें की मशक्कत के बाद सुबह करीब 8 बजे आग पर काबू पाया गया. बिल्डिंग के अंदर फंसे 10 से 15 लाेगाें काे बचाया गया. इनमें दाे लाेग घायल हुए हैं. मृतकाें के शव बिल्डिंग के अलग-अलग फ्लाेर से बरामद किए गए. स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि कुछ शव इतने बुरे तरह जल चुके हैं कि सिर्फ कंकाल बचा है. डीएनए टेस्ट के बाद ही मृतकाें का पता चल पाएगा. हादसे काे लेकर कुछ लाेगाें का कहना है कि शाॅर्ट सर्किट के कारण आग लगी. वहीं कुछ स्थानीय लाेगाें ने बताया कि एसी में धमाके के बाद आग फैली. फिलहाल अधिकारियाें की तरफ से असली कारण की पुष्टि नहीं हुई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग के पहले फ्लाेर से 1 शव, दूसरे फ्लाेर से 5 शव और सीढ़ियाें से 3 शव मिले, जहां दरवाजा बंद था.
आशंका है कि लाेगाें ने छत पर भागकर जान बचाने की काेशिश की थी. दूसरे फ्लाेर पर मिले मृतकाें की पहचान अरविंद जैन (60), उनकी पत्नी अनीता जैन (58), बेटे निशांत जैन (35), बहू आंचल जैन (33) और डेढ़ साल के पाेते आकाश जैन के रूप में हुई. तीसरे फ्लाेर पर नितिन जैन (50), उनकी पत्नी शैले जैन (48) और बेटे सम्यक जैन (25) मृत पाए गए. पहले फ्लाेर पर शिखा जैन (45) का शव मिला, जबकि उनके पति नवीन जैन (48) घायल हाे गए.स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि उन्हाेंने मृतकाें के शव देखें हैं. इनमें काैन से शव पुरुष के हैं और काैन सी महिला के, इसकी पहचान करना भी मुश्किल है. दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि चार मंजिला बिल्डिंग के हर फ्लाेर पर दाे 4 बीएचके फ्लैट हैं. आग बिल्डिंग के पिछले हिस्से में लगी थी और वहीं सबसे ज्यादा माैतें हुई हैं. 6 फ्लैट्स का सामान जल गया. डीएफएस के मुताबित, खिड़कियाें और बालकनी पर ग्रिल और लाेहे की राॅड लगी थीं,जिससे रेस्क्यू में दिक्कत आई. फिर भी करीब 15 लाेगाें काे बचाया जा सका.इनमें से एक व्यक्ति करीब 30% तक जल गया था, जिसे इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया है.