‘स्वावलंबन के माॅडल’ से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी : डाॅ. अतुल काेठारी

    04-May-2026
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‘स्वावलंबन का माॅडल’ से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी यह प्रतिपादन शिक्षण संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डाॅ.अतुल काेठारी ने किया. वे डाॅ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी में वार्षिक सम्मेलन के समापन सत्र में बाेल रहे थे. उन्हाेंने आगे कहा कि, हम सभी काे एक समृद्ध वैचारिक अनुभव दिया है; हालांकि इस ज्ञान काे सिर्फ चर्चाओं तक सीमित रखने के बजाय, हमारे असल काम के क्षेत्र में उतारना ज़्यादा ज़रूरी है. सभी यूनिवर्सिटीज़ के लिए यह समय की ज़रूरत है कि वे आधुनिकता काे अपनाते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा काे बचाकर रखें और ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने में याेगदान दें.डाॅ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी (अभिमत यूनिवर्सिटी) पिंपरी, पुणे द्वारा संगठित की गई भारतीय यूनिवर्सिटी संघ (एआईयू) के वाइस-चांसलराें की ऐतिहासिक 100वां वार्षिक सम्मेलन और राष्ट्रीय परिषद रविवार (3 मई) काे जाेश और कामयाबी के साथ संपन्न हाे गई. यह भारतीय उच्च शिक्षा के सफर में एक अहम पड़ाव बना.
 
देश भर के कुलपति, नीति निर्माता, शिक्षा जगत के दिग्गज और विशेषज्ञ इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षणिक महासम्मेलन में एकत्रित हुए. सम्मेलन में भारतीय उच्च शिक्षा के भविष्य और विकसित भारत-2047 की व्यापक अवधारणा के अंतर्गत इसकी भावी दिशा पर गहन विचार-विमर्श किया गया. समापन कार्यक्रम में डाॅ. अतुल काेठारी, राष्ट्रीय सचिव, शिक्षण संस्कृति उत्थान न्यास, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. डाॅ. पी. डी. पाटिल, चांसलर, डाॅ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी, पुणे, प्राे. विनय कुमार पाठक, भारतीय यूनिवर्सिटी संघ के अध्यक्ष, महासचिव और सदस्य सचिव डाॅ. पंकज मित्तल भी उपस्थित थे.डाॅ. भाग्यश्री पी. पाटिल, प्राे-चांसलर, डाॅ. डी. वाई.पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी, पुणे और अध्यक्ष, ज्ञान प्रसाद ग्लाेबल यूनिवर्सिटी, पुणे डाॅ. साेमनाथ पी. पाटिल, प्राेचांसलर, ज्ञान प्रसाद ग्लाेबल यूनिवर्सिटी, पुणे और सचिव, डाॅ. डी. वाई. पाटिल यूनिटेक साेसायटी, पुणे, डाॅ. स्मिता जाधव, प्राे-वाइस चांसलर उपस्थित थे.