आदिवासियाें काे विकास की मुख्यधारा में शामिल करें : माेहन भागवत

    04-May-2026
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आरएसएस प्रमुख माेहन भागवत ने कहा कि उन्हें हिंदू समाज की आदिवासियाें के प्रति अज्ञानता पर खेद है, क्याेंकि इसी के कारण आक्रमणकारियाें काे आदिवासी समाज में प्रवेश करने का रास्ता मिला. उन्हाेंने कहा कि भारत काे आदिवासियाें काे विकास की मुख्यधारा में एकीकृत करना आवश्यक है, क्याेंकि वे भारत की सदियाें पुरानी सनातन परंपरा काे संरक्षित रखते हैं. भागवत मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया में आयाेजित कर्मयाेगी एकल शिक्षक मेला में बाेल रहे थे, जहां आदिवासी क्षेत्राें में शिक्षा के विस्तार के लिए कार्यरत शिक्षकाें काे सम्मानित किया गया.भागवत ने जिला परिषद के एक विद्यालय काे रूपांतरित करके उसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए दत्तात्रेय वारे, ग्रामीण क्षेत्राें में जल संरक्षण के लिए ठाणे स्थित वसुंधरा संजीवनी मंडल और ग्रामीण क्षेत्राें में सशक्तिकरण के लिए दीनदयाल प्रबाेधिनी काे भी सम्मानित किया. भारत की वास्तविक मुख्यधारा आदिवासी क्षेत्राें में निहित है. हमारी सांस्कृतिक जड़ें जंगलाें और कृषि क्षेत्राें में हैं, जहाँ वेदाें की रचना हुई थी. हमें उनसे सीखना चाहिए्.इसलिए हमें उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाना हाेगा. उन्हें मुख्यधारा में लाए बिना समग्र सामाजिक विकास संभव नहीं है.