मैं हारी नहीं, हराया गया है. यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया.उन्हाेंने पत्रकार-वार्ता में कहा मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. भाजपा-चुनाव आयाेग पर आराेपाें की बाैछार करते हुए सीएम ममता का गुस्सा फूटा. उन्हाेंने कहा-टीएमसी जीत रही थी, 100 सीटें लूट ली गईं,भाजपा ने मुझे हराने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाया है. उन्हाेंने कहा-चुनाव आयाेग ने विलेन का काम किया है.
एसआईआर के नाम पर हमारे 90 लाख वाेटराें के नाम काट दिया गया. मैं भाजपा के खिलाफ लड़ती रहूंगी. उन्हाेंने कहाऐसा चुनाव मैंने अपने जीवन में नहीं देखा.महिला हाेते हुए भी मुझे ध्नका मारा गया है. पूरा इंडिया गठबंधन मेरे साथ है. माेदी और शाह ने मिलकर मुझे हराया है. मैं हारने वाली नहीं थी. उन्हाेंने कहा- हमारी लड़ाई लगातार जारी रहेगी.उन्हाेंने कहा-चुनाव आयाेग मुख्य विलेन के रूप में काम किया है.
एसआईआर के बहाने लाखाें नाम हटाए गए हैं. ममता ने कहा- हमारी लड़ाइबीजेपी और विलेन चुनाव आयाेग है.भाजपा ने चुनाव आयाेग की मदद से 100 सीटें लूटीं. ममता ने कहा- चुनाव से दाे दिन पहले उन्हाेंने गिरफ्तारियां शुरू कर दीं. भाजपा चुनाव आयाेग के साथ मिलकर गेम खेल रही थी.माेदी और शाह ने चुनाव आयाेग के साथ मिलकर एसआईआर के बहाने 93 लाख लाेगाें के नाम वाेटर लिस्ट से हटाए.पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रेस काॅफ्रेंस की. इस दाैरान उन्हाेंने बीजेपी और चुनाव आयाेग पर गंभीर आराेप लगाए. इसके साथ ही ममता ने कहा कि मैं लाेकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी. ममता ने दावा किया कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता. ममता ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इस चुनाव में चुनाव आयाेग लाेगाें के लाेकतांत्रिक अधिकाराें काे छीनने और ईवीएम में हेराफेरी करने के मामले में ‘खलनायक’ बन गया.
उन्हाेंने सवाल किया कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वाेटिंग के बाद भी ईवीएम 80-90 प्रतिशत चार्ज कैसे हाे सकता है? यह कैसे संभव है? चुनाव से दाे दिन पहले ही उन्हाेंने हमारे लाेगाें काे गिरफ्तार करना शुरू कर दिया. उन्हाेंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी. उन्हाेंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियाें काे बदल दिया. ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हाेंने अपनी पार्टी के लाेगाें काे चुना और बीजेपी ने सीधे ताैर पर चुनाव आयाेग के साथ मिलकर खेल खेला. यह बीजेपी और चुनाव आयाेग के बीच एक तरह की ‘बाजी’ थी. हमने पूरी सरकारी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी. इसमें प्रधानमंत्री और हाेम मिनिस्टर भी शामिल थे. यह सीधे ताैर पर उनका हस्तक्षेप था.उन्हाेंने एसआईआर से 90 लाख नाम हटा दिए थे. जब हम काेर्ट गए, ताे 32 लाख नाम फिर से शामिल किए गए.