भारत अंतरिक्ष अन्वेषण (स्पेस एक्सप्लाेरेशन) में एक नए युग की शुरुआत कर रहा है; युवाओं काे लचीलेपन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ना चाहिए, यह विचार एस्ट्राेनाॅट शुभांशु शुक्ला ने व्यक्त किए.आर्मी पब्लिक स्कूल द्वारा आयाेजित कार्यक्रम में वे बाेल रहे थे. उन्हाेंने स्टूडेंट्स और फैकल्टी के साथ भी बातचीत की.शुभांशु शुक्ला ने अपने प्राेफेशनल विकास के बारे में विस्तार से बताया. एक ऐसा सफर जाे नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की अनुशासित दीवाराें के भीतर शुरू हुआ और आईएएफ के प्रतिष्ठित रैंक तक पहुंचा.
उन्हाेंने अपने फ्लाइट करियर के दिल काे छू लेने वाले किस्से शेयर किए, और इस बात पर ज़ाेर दिया कि एक फाइटर पायलट से एस्ट्राेनाॅट बनने का रास्ता प्रतिबद्धता और कड़ी तैयारी से बना था.भविष्य में मैन्ड और अनमैन्ड मिशन पर बात करते हुए, उन्हाेंने भारतीय एस्ट्राेनाॅट्स के सुरक्षित लाॅन्च और रिकवर करने के लिए डेवलप की जा रही देसी क्षमताओं और भारतीय स्पेस प्राेग्राम के भविष्य के राेडमैप पर राेशनी डाली.शुक्ला ने चुनाैतियाें काे माैके के ताैर पर देखने के लिए बढ़ावा दिया, और कहा कि भारत आने वाले दशक में एस्ट्राेनाॅट्स का एक बड़ा कैडर तैयार करने के लिए तैयार है, जिससे युवाओं के लिए करियर के ऐसे माैके बनेंगे जाे पहले कभी नहीं देखे गए.