साेहराबुद्दीन फेक एनकाउंटर केस के सभी 22 आराे

    08-May-2026
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case 
पी बरीसाेहराबुद्दीन फेक एनकाउंटर केस के सभी 22 आराेपी बरी कर दिए गए.बाॅम्बे हाईकाेर्ट ने स्पेशल काेर्ट के 2018 के निर्दाेंष रिहाई के निर्णय काे सही ठहराया.चुनाैती देने वाली याचिका काे खारिज कर दिया. बरी किए आराेपियाें में 21 गुजरात तथा राजस्थान पुलिस के कर्मी थे.बाॅम्बे हाई काेर्ट ने गुरुवार काे 2005 के गैंगस्टर साेहराबुद्दीन शेख के फेक एनकाउंटर मामले में अपना फैसला सुना दिया. काेर्ट ने अपने फैसले में सभी 22 आराेपियाें की रिहाई काे सही ठहराया है. चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस गाैतम अंखड़ की बेंच ने शेख के भाइयाें रुबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन की अपीलें खारिज कर दीं. इन अपीलाें में स्पेशल काेर्ट के दिसंबर 2018 के उस फैसले काे चुनाैती दी गई थी, जिसमें मामले के सभी आराेपियाें काे बरी कर दिया गया था.
 
बरी किए गए 22 आराेपियाें में से 21 गुजरात और राजस्थान पुलिस के जूनियर स्तर के अधिकारी थे.जिनपर आराेप था कि ये अधिकारी उन टीमाें का हिस्सा थे, जिन्हाेंने इन तीनाें का अपहरण किया था और बाद में उन्हें फर्जी एनकाउंटर में मार डाला था. बाकी बचा एक आराेपी गुजरात के एक फार्महाउस का मालिक था. जहां पर शेख और काैसर बी काे मारे जाने से पहले गैर-कानूनी रूप से हिरासत में रखा गया था. विशेष अदालत ने सभी आराेपियाें काे बरी करते हुए यह टिप्पणी की थी कि अभियाेजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि शेख और अन्य लाेगाें की हत्या की काेई साजिश रची गई थी, और न ही यह साबित हाे पाया कि माैजूदा आराेपियाें की इसमें काेई भूमिका थी. अप्रैल 2019 में, शेख के भाइयाें ने हाई काेर्ट में अपील दायर की थी. जांच एजेंसी, केंद्रीय जांच ब्यूराे ने पिछले साल हाई काेर्ट काे बताया था कि उसने आराेपियाें की रिहाई के फैसले काे स्वीकार कर लिया है और वह इसके खिलाफ अपील नहीं करेगी.