73 कराेड़ रु. के भूमि अधिग्रहण घाेटाले में बीड़ का पूर्व जिला कलेक्टर गिरफ्तार

    08-May-2026
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73 कराेड़ रुपये के भूमि अधिग्रहण घाेटाले में बीड के पूर्व जिला कले्नटर काे गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने अविनाश पाठक काे लातूर से गिरफ्त में लिया.पाठक की गिरफ्तारी से राजस्व विभाग व बड़े अधिकारियाें में खलबली मची है.बीड़ जिले में नेशनल हाइवे लैंड एक्विजिशन और मावेजा स्कैम केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर अविनाश पाठक काे गिरफ्तार कर लिया है.पुलिस सुपरिटेंडेंट नवनीत कंवत ने बताया कि उन्हें लातूर से हिरासत में लिया गया. इस गिरफ्तारी से रेवेन्यू डिपार्टमेंट मेंबड़ी हलचल मच गई है, और कई दिनाें से चर्चा में चल रहे लैंड एक्विजिशन स्कैम ने अब एक नया माेड़ ले लिया है. यह भी खबर है कि अविनाश पाठक की गिरफ्तारी के बाद उन्हें बीड़ काेर्ट में पेश किया जाएगा.इस केस की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम या एसआईटी कर रही है. इससे पहले शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में इस स्कैम में 10 लाेगाें के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.
 
बताया जा रहा है कि जांच के दाैरान कई चाैंकाने वाली बातें सामने आईं. पूरे दिन अविनाश पाठक से अच्छी तरह पूछताछ करने के बाद आखिरकार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया. इस केस की जांच सब-डिवीजनल पुलिस ऑफिसर पूजा पवार कर रही थीं. हालांकि, उनके छुट्टी पर हाेने की वजह से फिलहाल जांच की जिम्मेदारी एम.वेंकटराम काे दी गई है.असल मामला नेशनल हाइवे के लिए किए गए लैंड एक्विजिशन से जुड़ा है.बीड़ जिले से गुजरने वाले हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के पेमेंट में भारी गड़बड़ी के आराेप हैं.जांच में पता चला है कि किसानाें काे बढ़ा हुआ मुआवजा दिलाने के लिए जिला कलेक्टर के नाम पर फर्जी ऑर्डर तैयार किए गए थे.आराेप है कि इन ऑर्डर पर फर्जी साइन करके कराेड़ाें रुपये का लेन-देन किया गया. बताया जा रहा है कि इससे सरकार काे 73 कराेड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगा. जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, नेशनल हाइवे एक्ट के तहत बढ़ा हुआ मुआवजा पाने के लिए अकाउंट हाेल्डर जिला कलेक्टर के पास अप्लाई करते हैं. लेकिन, 22 अप्रैल, 2025 काे अविनाश पाठक का ट्रांसफर हाेने के बाद भी उनके कार्यकाल में पिछली तारीखाें का इस्तेमाल करके फर्जी ऑर्डर जारी किए गए.