कर्मचारियाें का स्वास्थ्य अच्छा रहे, उन्हें अच्छी वैद्यकीय सुविधाएं मिलें, यही सरकार का मुख्य उद्देश्य है. साथ ही राज्य के विभिन्न जिलाें में औद्याेगिक क्षेत्र का भी विस्तार बडे पैमाने पर हाे रहा है, इसलिए राज्य के सभी जिलाें में ईएसआईसी का अस्पताल शुरू करने का राज्य सरकार का प्रयास है, यह जानकारी कामगार मंत्री आकाश फुंडकर ने दी.बिबवेवाडी स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल द्वारा वार्षिक निवारक स्वास्थ्य जांच शिविर के उद्घाटन समाराेह में फुंडकर बाेल रहे थे.इस अवसर पर राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, ईएसआईसी आयुक्त रमेश चव्हाण, ईएसआईसी उप चिकित्सा आयुक्त डाॅ.
सुपर्णा पाेपली, ईएसआईसी की क्षेत्रीय निदेशक अभिलाषा झा, बिबवेवाडी स्थित उप क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी निदेशक सुकांत चंद्र दास, अस्पताल के डीन डाॅ.प्रदीप गायकवाड, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.विभूति अंबावडे आदि मंच पर उपस्थित थे.
भारतीय श्रमिकाें के लिए विकास का नया अध्याय, नए श्रम संहिताओं के अंतर्गत शुरू किया गया है. 40 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी कर्मचारियाें काे एक साल के लिए मुफ्त में स्वास्थ जांच कराई जा रही है. यह वार्षिक स्वास्थ्य जांच निःशुल्क है. केंद्रीय कामगार मंत्री मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में आयाेजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच शिविर का उद्घाटन किया. देशभर में 11 ईएसआईसी अस्पतालाें में इस कार्यक्रम का आयाेजन किया गया.कामगार मंत्री आकाश फुंडकर ने कहा कि, कर्मचारियाें काे काेई भी बीमारी हाेने से पहले ही उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जाए यह सरकार की मन्शा है.
केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासाें द्वारा कर्मचारियाें का स्वास्थ अच्छा रहे इसलिए हम प्रयासरत हैं. बिबवेवाडी में भी अब 500 बेड का अस्पताल जल्द ही शुरू किया जाएगा.राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि, औद्याेगिक क्षेत्र में कर्मचारियाें काे दुर्घटना हाेती है, उनके इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल और डाॅ्नटर्स की मदत लेने के लिए सरकार सकारात्मक विचार करे. क्योंकि अनेक प्राइवेट अस्पताल और डाॅ्नटर सेवा मुफ्त देने के लिए तैयार हैं.