यूजर चार्जेस के विरोध में राज्यभर के व्यापारियों का ‌‘बिगुल‌’

कानून को तत्काल रद्द करने की राज्यव्यापी व्यापारी परिषद में मांग : 13 जून के बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी

    01-Jun-2026
Total Views |

bfscb  
पुणे, 31 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

कृषि उपज मंडी समितियों में होने वाले लेनदेन पर लगाए जाने वाले यूजर चार्जेस के निर्णय के खिलाफ राज्यभर के व्यापारी संगठनों ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की है और इस कानून को तत्काल रद्द करने की मांग की है. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो 13 जून के बाद व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा. यह निर्णय रविवार को दि पूना मर्चेंट्स चेंबर में आयोजित राज्यव्यापी परिषद में लिया गया. महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर, फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र, चेंबर ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड, दि ग्रेन राइस एंड ऑयल सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन तथा दि पूना मर्चेंट्स चेंबर के संयुक्त तत्वावधान में महाराष्ट्र राज्य व्यापारी कार्रवाई समिति द्वारा इस परिषद का आयोजन किया गया था. व्यापारियों ने कृषि उपज मंडी समितियों में 28 फरवरी 2022 से आने वाले अनियमित कृषि उत्पाद, गैर-कृषि उत्पाद तथा संबंधित वस्तुओं की खरीद-बिक्री पर प्रति 100 रुपये के लेन-देन पर 1 रुपये यूजर चार्जेस लगाने के निर्णय का विरोध किया. परिषद में यह आशंका व्यक्त की गई कि इस शुल्क का बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिससे वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होगी. परिषद में राज्य के कोल्हापुर, सांगली, कराड, सातारा, जयसिंहपुर, नासिक, बारामती, अहिल्यानगर, सोलापुर, मुंबई, वाशी, नागपुर, मोर्शी और धुले सहित विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. लगभग 100 प्रतिनिधि प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे, जबकि ऑनलाइन माध्यम से राज्यभर के विभिन्न संगठनों के करीब 250 पदाधिकारियों ने सहभागिता दर्ज कराई्‌‍. इस अवसर पर रवींद्र मानगावे, जितेंद्र शाह, दीपेन अग्रवाल तथा भीमजीभाई भानुशाली ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन किया. दि पूना मर्चेंट्स चेंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बाठिया, उपाध्यक्ष अजित बोरा, पूर्व अध्यक्ष रायकुमार नहार, प्रवीण चोरबेले, पोपटलाल ओस्तवाल, राजेश शाह, सुरेश चिक्कली, प्रफुल्ल संचेती, सचिन निवुंगणे, संभाजी किरटे, अमोल शाह, शब्बीर शाह तथा राजेंद्र बोथरा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए्‌‍. परिषद में पारित प्रस्तावों में यूजर चार्जेस कानून को तत्काल रद्द करने, पुराने कृषि उपज मंडी समिति कानून के स्थान पर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप नया कानून बनाने, वर्ष 2024 में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा विपणन मंत्री जयकुमार रावल के साथ हुई बैठक में लिए गए निर्णयों को लागू करने तथा पारंपरिक व्यापार को बनाए रखने के लिए कानून में आवश्यक संशोधन करने की मांग शामिल है. कार्यक्रम का प्रस्ताविक संबोधन राजेंद्र बाठिया ने किया. स्वागत इंद्रेश नहार ने किया, जबकि उपस्थित सभी प्रतिनिधियों का आभार आशीष दुगड़ ने व्यक्त किया.