सीता के बिना रामराज्य की कल्पना अधूरी

‌‘सीतेची न सांगितलेली कथा‌’ पुस्तक के विमोचन समारोह में विहिप के मार्गदर्शक भैय्याजी जोशी ने कहा

    01-Jun-2026
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कोथरुड, 31 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

शस्त्र कभी भी शांति का निर्माण नहीं कर सकते. उससे केवल विनाश ही होता है. शांति स्थापित करने के लिए इसे नष्ट ही करना होगा. रामायण के इस संदेश के साथ ही आदर्श लक्ष्मण रेखा के महत्व को भी समझना चाहिए. मर्यादा बेहद जरूरी है, अन्यथा विनाश निश्चित है. रामराज्य की कल्पना आदर्श है, लेकिन यह सीता के बिना कभी पूरी नहीं हो सकती; ये विचार वेिश हिंदू परिषद के मार्गदर्शक भैय्याजी जोशी ने व्यक्त किए. वे सीतेची न सांगितलेली कथा पुस्तक के विमोचन समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में बोल रहे थे. एमआईटी डब्ल्यूपीयू में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस पुस्तक का विमोचन किया गया. अमेरिकन यहूदी लेखिका डेना मरियम ने मूल अंग्रेजी पुस्तक द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सीता (The Untold Story of Sita) लिखी है. उसका मराठी अनुवाद यह पुस्तक, मोतीलाल बनारसीदास पब्लिशर्स, भारतीय विचार साधना पुणे प्रकाशन और माईर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (चखढ-थझण) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है. एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. वेिशनाथ कराड के आशीर्वाद और एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.राहुल वि. कराड के मार्गदर्शन में यह प्रकाशन कार्यक्रम संपन्न हुआ. भारतीय विचार साधना, पुणे प्रकाशन के कार्यवाह काशीनाथ देवधर ने कहा, हिंदुत्व के बारे में फैली भ्रांतियों का उल्लेख इस पुस्तक में किया गया है. प्रसिद्ध वक्ता डॉ. संजय उपाध्ये ने कहा, इस पुस्तक में स्त्री के धैर्य, सामर्थ्य, उसके व्यक्त और अव्यक्त जगत के प्रति उसके प्रेम तथा सभी के कल्याण के लिए किए गए निस्वार्थ त्याग की कहानी है. एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कुलपति डॉ. आर.एम. चिटणीस ने कहा कि, वर्तमान समय में जिस तरह से प्रकृति का विनाश हो रहा है, उसके बारे में इस पुस्तक में कुछ विचार व्यक्त किए गए हैं. मुकुंद हिरवे ने प्रस्तावना रखी और मंच संचालन किया. तन्मय गाडगिल और शिवानी हिरवे ने लेखिका और पुस्तक का परिचय कराया. डॉ. मिलिंद पात्रे ने आभार व्यक्त किया.