सोने-चांदी की कीमतों में बुधवार (10 जून) को भारी गिरावट देखने को मिली. पुणे के सर्राफा बाजार में सोने के दाम एक ही दिन में करीब 4,100 रुपये कम होकर प्रति 10 ग्राम 1,47,300 (3 प्रतिशत जीएसटी अलग से) रुपये के स्तर पर पहुंच गए. यही स्थिति चांदी की कीमतों में भी रही. चांदी के दाम एक ही दिन में करीब 8 हजार रुपये कम हो गए. इस वजह से ग्राहकों को 1 किलो चांदी के लिए जहां मंगलवार को 2 लाख 48 हजार रुपये देने पड़े थे, वहीं बुधवार को सिर्फ 2 लाख 40 हजार रुपये (3 प्रतिशत जीएसटी अलग से) चुकाने पड़े.
कर्वे रोड, 11 जून (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) अगर एक सप्ताह की बात की जाए, तो सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 7,200 रुपये, जबकि चांदी की कीमत में प्रति किलोग्राम 24,000 रुपये की भारी गिरावट आई है. इससे जहां एक तरफ ग्राहक खुश नजर आए, वहीं दूसरी तरफ व्यापारी परेशान दिखे. बता दें कि 5 से 7 जून की अवधि के दौरान भी ऐसी ही गिरावट देखने को मिली थी, जब सोने की कीमत अचानक से 2,100 रुपये और चांदी की कीमत 12,000 रुपये कम हुई थी. विश्लेषक बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में लगातार युद्ध के कारण दुनिया भर में चिंता का माहौल था. इसीलिए दुनियाभर के सेंट्रल बैंक सोने की खरीदारी कर रहे थे, जिसकी वजह से सोने के दाम बढ़ रहे थे. हालांकि, अब वह तनाव कम होता हुआ दिखाई दे रहा है. यानी, युद्ध थमेगा और अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, ऐसी उम्मीद होने के कारण सोने के दाम कम हुए हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि जिन लोगों ने सोने को एक निवेश के रूप में खरीदा होता है, वे यह सोचते हैं कि अब आगे सोने के भाव नहीं बढ़ेंगे. इसलिए, अभी जिस भाव में सोना बिक रहा है, उसी भाव पर हम इसे बेचकर अपना प्रॉफिट बुक (मुनाफा वसूल) कर लेते हैं. इसी वजह से बाजार में ज्यादा सोना बेचा जा रहा है और यही कारण है कि सोने के दाम कम हो रहे हैं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने देशवासियों से एक अपील की थी कि अगले एक वर्ष के लिए सोने-चांदी की खरीद कम करें. इसका असर भी बाजार में देखने को मिल रहा है. ऐसा प्रतीत होता है कि कई ग्राहकों ने प्रधानमंत्री के सुझाव को मानकर खरीदारी रोक दी है. व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में अचानक गिरावट आने के कारण ग्राहक थोड़े असमंजस में पड़ जाते हैं. वे यह सोचकर रुक जाते हैं कि जब दाम अभी गिरे हैं, तो आगे रेट और भी ज्यादा गिर सकते हैं. जब तक दाम स्थिर नहीं होते, तब तक हमारे पास ग्राहक भी स्थिर नहीं होते. अगर रेट स्टेबल रहें, तो ग्राहक आते हैं. क्योंकि, तब वे यह विचार करते हैं कि अब भाव और कम होने की संभावना नहीं है, इसलिए खरीदारी की जा सकती है. अनुमान है कि अभी कीमतें कम होने के कारण कुछ ग्राहक निश्चित रूप से खरीदारी करेंगे. क्योंकि, फिलहाल कम हुई कीमतों में खरीदारी फायदेमंद साबीत हो सकती है क्योंकि आगे दीपावली तक ये कीमतें बढ़ेंगी ही, ऐसा हिसाब लगाकर कुछ ग्राहक इस स्तर पर खरीदारी के लिए आ सकते हैं.
पिछले हफ्ते के दाम में बदलाव
(सोना 10 ग्राम, चांदी प्रति 1 किलो रुपये में)
तारीख सोना चांदी
3 जून 2026 1,54,500 2,64,500
4 जून 2026 1,55,000 2,63,500
5 जून 2026 1,53,600 2,61,500
6 जून 2026 1,51,500 2,49,500
7 जून 2026 1,51,500 2,49,500
8 जून 2026 1,50,000 2,46,000
9 जून 2026 1,51,400 2,48,000
10 जून 2026 1,47,300 2,40,000
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्राफा बाजार में थोड़ी मंदी युद्ध का तनाव कम हो रहा है, जिसकी वजह से भी मार्केट्स सुधर सकते हैं. सोने के दाम इतने बढ़ गए थे कि कई लोगों ने प्रॉफिट बुक करके इसे बेच दिया है. इससे भी सोने के भाव में गिरावट आई है. साथ ही यूएस इकोनॉमिक डेटा अच्छा आने के कारण सभी को उम्मीद है कि यूएस फेडरल बैंक अपनी ब्याज दरें बढ़ाएगा. इस वजह से सोना अब ज्यादा आकर्षक नहीं रहा है. सोना अगर अच्छा मुनाफा नहीं देता, तो भी वो बेचा जाता है. यूएस डॉलर भी मजबूत रहा है और यूएस के बॉन्ड यील्ड भी अच्छे आ रहे हैं. उनके रिटर्न्स अच्छे हैं. इस वजह से भी सोना कमजोर हुआ है. कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्राफा बाजार में थोड़ी मंदी या कमजोरी है. बिक्री पर भी इसका असर पड़ा है.
- वास्तुपाल रांका, रांका ज्वेलर्स, कर्वे रोड

इंपोर्ट ड्यूटी अगर कम होती तो... सोने में यह जो गिरावट है, यह असल में बहुत बड़ी है. केंद्र सरकार ने फिलहाल जो 15% इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है, वह पिछले महीने सिर्फ 6 फीसदी थी. अगर तब सरकार ने ड्यूटी नहीं बढ़ाई होती, तो आज पुणे में सोने के भाव लगभग 1 लाख 32 हजार के आसपास होते. 1 लाख 46 हजार 500 में से लगभग 10% ड्यूटी को अगर आज के रेट से कम किया जाए तो सोने का 10 ग्राम का रेट 1 लाख 33 हजार के आसपास होता.