बेटियाें के साथ बहू का भी सम्मान

    13-Jun-2026
Total Views |
 

bahu 
 
अधिक मास में भारतीय परंपरा के अनुसार चांदी के रूप में दान करना या भेंट देना शुभ माना जाता है. इसमें विभिन्न वस्तुओं का समावेश हाेता है.हालांकि पिंपरी-चिंचवड़ के बारणे परिवार ने एक अनूठी वस्तु भेंट में देते हुए, बेटी के साथ-साथ बहू का भी सम्मान किया है.अधिकमास के पावन अवसर पर पिंपरी-चिंचवड के बारणे परिवार ने अपनी दाे बेटियाें और बहू काे चांदी की चप्पलें बनवाकर ‘वाण’ (पारंपरिक उपहार) के रूप में भेंट की हैं.यह चप्पलाें की जाेड़ी बेहद आकर्षक और नक्काशीदार है, जिसमें कीमती नगे (पत्थर) और घुंघरू लगाए गए हैं. चप्पलाें की एक जाेड़ी का वजन 250 ग्राम है और इस तरह तीनाें जाेड़ियाें का कुल वजन 750 ग्राम है.
 
आज के बाजार भाव (चांदी की कीमत) के अनुसार प्रत्येक जाेड़ी की कीमत लगभग एक लाख रुपये है. विशेष बात यह है कि चांदी की यह जाेड़ी केवल दिखावे या शाे-पीस के लिए नहीं है, बल्कि इसे दैनिक उपयाेग में भी लाया जा सकता है.इसे पहनकर चलने में काेई परेशानी न हाे, इसे बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है. चांदी की चप्पल की एक जाेड़ी बारणे परिवार द्वारा रहाटणी के काेकणे चाैक स्थित रांका ज्वेलर्स प्रा. लि. से बनवाई गई है.यह चप्पल राजस्थान के कारीगराें द्वारा आठ दिनाें में तैयार की गई है. चप्पल की जाेड़ी बनवाते समय बारणे परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे. सभी काे यह चप्पलें दिल से बहुत पसंद आई हैं.