आकुर्डी में 11 एकड़ के औद्याेगिक प्राेजेक्ट काे बिजली आपूर्ति देते समय महावितरण के नियमाें काे ताक पर रखकर, बिना किसी आधिकारिक वर्क ऑर्डर के 2 कराेड़ 28 लाख रुपये के काम शुरू कर दिए गए. पिंपरी-चिंचवड़ इलेक्ट्रिकल काॅन्ट्रैक्टर एसाेसिएशन के कार्याध्यक्ष और शिवसेना पुणे जिला संगठक संताेष साैंदणकर ने गुरुवार (11 जून) काे मीडिया के सामने यह गंभीर आराेप लगाया कि इस मामले में महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियाें की मिलीभगत से 20 से 25 कराेड़ रुपये का घाेटाला हुआ है. इस घाेटाले काे जावेद मुजावर ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत उजागर किया है.
इस समय पिंपरी-चिंचवड़ इलेक्ट्रिकल काॅन्ट्रैक्टर एसाेसिएशन के कार्याध्यक्ष संताेष साैंदणकर के साथ संगठन के अध्यक्ष गिरीश बक्षी, उपाध्यक्ष मनाेज हरपले, जावेद मुजावर, सचिव नितिन बाेंडे, काेषाध्यक्ष विशाल राेकड़े, कार्यकारिणी सदस्य प्रशांत महाजन, सदस्य महेश माने, अरुण ढाके, तानाजी ससाने, मंगेश साेनकांबले, प्रदीप पाटिल, अरुण बड़गुजर, मनाेज सचदेव, सूरज बराटे, संजय इंगले, रजनीकांत कदम, याेगेश पवार, संजीव पाटिल, सागर चव्हाण, ओम परदेशी, उमेश परदेशी, मनीष शेलकचंद्रकांत सूर्यवंशी, गणेश गाडे, जीतेंद्र राठाैड़ आदि उपस्थित थे.साैंदणकर ने कहा कि 3.5 एमवीए से अधिक विद्युत भार वाले प्राेजेक्ट्स के लिए महावितरण द्वारा सबस्टेशन के लिए कम से कम 6 गुंठा जगह लेना अनिवार्य हाेता है. लेकिन संबंधित प्राेजेक्ट से काेई भी जगह लिए बिना नियम विरुद्ध तरीके से कंस्ट्रक्शन मीटर मंजूर कर दिया गया.
इसी वजह से कई अन्य काॅन्ट्रै्नटराें काे अनुमति देने से इन्कार कर दिया गया था, लेकिन इस मामले में अधिकारियाें ने विशेषमेहरबानी दिखाई. आकुर्डी की एक कंपनी में एनएसएस याेजना के अंतर्गत बिना किसी आधिकारिक वर्क ऑर्डर के 2 कराेड़ 28 लाख रुपये का काम शुरू कर दिया गया है.इस काम के लिए उपभाेक्ताओं से करीब 19 लाख रुपये सीआरए शुल्क वसूला गया है, जबकि वास्तव में कम से कम 24 से 26 लाख रुपये वसूल किया जाना अपेक्षित था. ऐसा न करते हुए पूरी प्रक्रिया काे नियम विरुद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है. इसी नियम का हवाला देकर भाेसरी जे ब्लाॅक में कनेक्शन राेके गए हैं. पिंपरी-चिंचवड़ इलेक्ट्रिकल काॅन्ट्रैक्टर्स एसाेसिएशन के अध्यक्ष गिरीश बक्षी ने कहा कि इस काम काे करने के लिए किसी भी प्रकार का वर्क ऑर्डर दिए बिना, संबंधित ठेकेदार काे साइट पर पहले से ही स्विच फीडर पिलर, ट्रांसफार्मर प्लिंथ, जीओडी सामग्री के साथ-साथ 22 केवी एचटी लाइन का काम शुरू करने की अनुमति दे दी गई.
इस काम काे आनन-फानन में पूरा करने की काेशिश की जा रही है. विशेष बातयह है कि एस्टीमेट में 750 मीटर केबल बिछाने का प्रस्ताव था, जबकि वास्तव में केवल 250 मीटर केबल ही बिछाई गई है. इसके लिए मनपा की अनुमति लिए बिना ही फुटपाथ पर खुदाई कर दी गई है.बक्षी ने आराेप लगाया है कि मनपा के नियमाें काे पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है.महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियाें के सांठ-गांठ के बिना काेई भी काॅन्ट्रै्नटर डेढ़ कराेड़ रुपये का निवेश नहीं कर सकता.इसीलिए साैंदणकर ने महावितरण केअधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और आकुर्डी विभाग के कार्यकारी अभियंता की जांच करने की मांग की है.
साैंदणकर ने आराेप लगाते हुए कहा कि सामान्य उपभाेक्ताओं के लिए एक नियम और चुनिंदा लाेगाें के लिए दूसरा नियम, ऐसा महावितरण का रवैया है.रेड जाेन, लाेड मंजूरी और बिजली कनेक्शन के लिए सामान्य नागरिकाें काे नियम दिखाए जाते हैं, लेकिन कुछ गिनेचुने लाेगाें के लिए सारे नियम किनारे रख दिए जाते हैं.