शहाड (उल्हासनगर), 14 जून (वि.प्र.) क्षेत्र की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था सेंचुरी रेयॉन हाई स्कूल का नाम बदलकर अब सरला बिड़ला हाई स्कूल कर दिया गया है. सेंचुरी रेयॉन एजुकेशन सोसाइटी ने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में डॉ. सरला बिड़ला के अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है. स्कूल के सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान नई नामपट्टिका का अनावरण किया गया. इस अवसर पर सेंचुरी रेयॉन एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष ओ. आर. चितलांगे, यूनिट हेड दिग्विजय पांडे, बी.के. बिड़ला कॉलेज के शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश चंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. समारोह को संबोधित करते हुए ओ. आर. चितलांगे ने कहा कि डॉ. सरला बिड़ला के नाम पर विद्यालय का नामकरण उनकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है. उन्होंने वेिशास जताया कि यह संस्था भविष्य में भी संस्कार, अनुशासन और उत्कृष्ट नागरिकता की अपनी गौरवशाली परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुमार मंगलम बिड़ला और नीरजा बिड़ला भी इसी समर्पित भावना से बिड़ला शैक्षणिक संस्थानों को उत्कृष्ट बनाने के लिए प्रयासरत ह्ैं. गौरतलब है कि डॉ. सरला बिड़ला के मार्गदर्शन में 1956 में कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना हुई थी. 1958 में मात्र 500 विद्यार्थियों के साथ शुरू हुआ यह विद्यालय आज लगभग 5,000 छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है. आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम और 15,000 से अधिक पुस्तकों के पुस्तकालय से समृद्ध यह संस्थान शहाड, कल्याण और उल्हासनगर क्षेत्र में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है.