पूरी दुनिया भराेसे की कमी से जूझ रही

    18-Jun-2026
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G7
पूरी दुनिया भराेसे के कमी से जूझ रही है. यह प्रतिपादन प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने किया. एवियन में ट्रंप की माैजूदगी में जी 7 के मंच से विश्व के दिग्गजाें काे संदेश देते हुए कहा. उन्हाेंने कहा-आज संसाधनाें की कमी नहीं है. विकास कुछ देशाें तक सीमित हाेना चिंता की बात है.युद्धाें ने भारी बर्बादी की है. हमारे 3 निर्दाे ष नाविक मारे गए, उन्हाेंने कहा-पिछलीसदी ने दाे विश्व युद्धाें का विनाशकारी तांडव देखा है. बातचीत और संवाद से ही सारी समस्याओं का समाधान निकल सकता है न कि युद्ध से. पीएम माेदी ने कहा कि आज आपसी भराेसा सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति है. लेकिन दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनाें की कमी नहीं है. बल्कि भराेसे की कमी है.
 
फ्रांस के एवियन शहर से अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे पीएम माेदी ने कहा कि हमारी साझेदारियाें का भविष्य इसी भराेसे काे फिर से कायम करने पर निर्भर करता है.अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे प्रधानमंत्री माेदी ने कहा कि दुनिया काे ‘दाता-याचक’ के नजरिए से हटकर एकजुटता और समानता पर आधारित साझेदारी की ओर बढ़ना चाहिए. एवियन में जी 7 समिट के दाैरान ‘नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता काे फिर से मजबूत करने’ पर आयाेजित आउटरीच सेशन में शामिल हाेते हुए पीएम माेदी ने कहा कि
 
आज की दुनिया पहले से कहीं ज़्यादा आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर है, ऐसे में यह विषय और भी महत्वपूर्ण हाे जाता है. लेकिन साझेदारियां तभी सफल हाे सकती हैं जब वे भराेसे पर टिकी हाें. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जाेर दिया गया कि ‘ग्लाेबल साउथ’ काे दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं.उसे सिर्फ मदद नहीं, बल्कि साझेदारी चाहिए. हमें मदद देने और लेने वाली साेच से आगे बढ़कर बराबरी के साझेदार के ताैर पर काम करना हाेगा. हमें सिर्फ एक-दूसरे के साथ-साथ नहीं, बल्कि मिलकर आगे बढ़ना हाेगा. साझेदारी का मतलब सम्मान से हाेना चाहिए, निर्भरता से नहीं. पीएम माेदी ने कहा कि भारत का मानना है कि साझेदारी की असली कसाैटी यह नहीं है कि हम दूसराें के लिए क्या बनाते हैं.