गुडहल का शरबत बनाने के लिए गुडहल के 100 ग्राम फूल लेकर उनके डंठल निकालकर उसकी पंखुड़ियाें काे रात्रि के समय किसी कांच के बर्तन में नीबू के रस में भिगाेकर उसे ढककर किसी खुले और साफ स्थान पर रात भर रखें.प्रातः उसे मसलकर छान लें फिर उसमे 500 ग्राम चीनी या मिश्री मिलाए फिर इसमें गुलाबजल मिलाकर बाेतल मे भरकर दाे दिनाें तक धूप में रखे. इसे बीच-बीच में हिलाते रहें ताकि शक्कर या मिश्री अच्छी तरह इसमें घुल जाये. इस शरबत काे 15-40 मी.ली मात्रा में पीते रहने से लू, सीने की जलन, सर की पीड़ा, जी मचलाना, चक्कर आना, नेत्र विकाराें में लाभ मिलता है.