लोहगांव, 17 जून (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पिछले बारह वर्षों में पुणे एअरपोर्ट ने उल्लेखनीय विकास दर्ज किया है. वर्ष 2014 में लगभग 44.6 लाख यात्रियों की तुलना में वर्ष 2026 में यात्री संख्या बढ़कर 1.13 करोड़ से अधिक हो गई है. वहीं, वार्षिक विमान संचालन लगभग 35,000 से बढ़कर 69,000 के करीब पहुंच गया है. कार्गो सेवाओं में भी महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है, जिससे क्षेत्र के विनिर्माण, इंजीनियरिंग, कृषि और निर्यात क्षेत्रों को मजबूती मिली है,यह जानकारी पुणे एयरपोर्ट के निदेशक संतोष ढोके ने दी. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अंतर्गत पुणे एयरपोर्ट पर 15 जून को यात्री सुविधा दिवस मनाया गया. इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया था. पुणे एयरपोर्ट के निदेशक संतोष ढोके ने इस अवसर पर यात्री सुविधाओं, अवसंरचना विकास, डिजिटल नवाचार, सतत विकास और सेवा उत्कृष्टता के क्षेत्र में हवाई अड्डे की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. संतोष ढोके ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय विमानन क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है. यह विकास हवाई यात्रा को सभी नागरिकों के लिए सुलभ, किफायती, सुरक्षित और निर्बाध बनाने की दूरदर्शी सोच का परिणाम है. पुणे एयरपोर्ट ने इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और साथ ही पुणे तथा पश्चिमी महाराष्ट्र की तीव्र आर्थिक वृद्धि को भी सहयोग प्रदान किया है. पुणे एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मार्च 2025 में नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन था. इससे यात्री प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव में बड़ा सुधार आया. यह टर्मिनल आधुनिक अवसंरचना और महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित वास्तुशिल्पीय तत्वों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है, जो यात्रियों के लिए एक विशिष्ट और स्वागतयोग्य प्रवेशद्वार बनाता है.यह भी जानकारी उन्होंने दी. उन्होंने कहा कि, आज हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए विस्तृत चेक-इन क्षेत्र, उन्नत सुरक्षा जांच सुविधाएं, आधुनिक बैगेज हैंडलिंग प्रणाली, यात्री बोर्डिंग ब्रिज, बेहतर प्रतीक्षालय तथा विविध खुदरा और भोजन सेवाएं उपलब्ध हैं. इन सुविधाओं ने यात्रियों की सुविधा, आराम और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार किया है. यात्री अनुभव को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए ढोके ने कहा कि पुणे हवाई अड्डे ने डिजीयात्रा प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे यात्रियों को संपर्क रहित, सुरक्षित और सहज यात्रा प्रक्रिया का लाभ मिल रहा ह्ै. डिजिटल पहल और तकनीक-आधारित सेवाएं हवाई अड्डे की प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए यात्रा समय को कम कर रही हैं. यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की गई हैं, जिनमें किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने वाला उड़ान यात्री कैफे, बच्चों के लिए विशेष खेल क्षेत्र, बेहतर सुगम्यता अवसंरचना तथा उन्नत यात्री सहायता सेवाएं शामिल हैं.वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और विशेष सहायता की आवश्यकता वाले यात्रियों के लिए सुविधाओं को भी मजबूत किया है, संतोष ढोके ने कहा कि पुणे हवाई अड्डे का विकास पुणे के सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, शिक्षा, नवाचार और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने से गहराई से जुड़ा हुआ है. बेहतर हवाई संपर्क ने व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच को आसान बनाया है. सतत विकास के विषय में ढोके ने बताया कि हवाई अड्डा ऊर्जा संरक्षण, कचरा प्रबंधन, एकल- उपयोग प्लास्टिक में कमी, वृक्षारोपण अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल विकास के लिए प्रतिबद्ध है.