सिंहगढ़ रोड, 17 जून (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) समकालीन डिजाइन्स और बेहतरीन कारीगरी के लिए पहचाना जाने वाला ब्रांड ‘रेवा डायमंड्स’ अपने ग्राहकों के लिए ‘द वन’ नामक एक विशेष पहल लेकर आया है. यह पहल विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए तैयार की गई है जो दुर्लभता, विशिष्टता और सदाबहार (कालातीत) सौंदर्य को महत्व देते हैं. आज के समय में लग्जरी की परिभाषा केवल संपन्नता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और विशिष्टता से जुड़ती जा रही है. इसी अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए, रेवा डायमंड्स हर महीने एक विशेष और सीमित संख्या में उपलब्ध ‘स्टेटमेंट ज्वेलरी’ की कलाकृति पेश करने जा रहा है. इन आभूषणों का डिजाइन ब्रांड के अन्य सभी कलेक्शंस से पूरी तरह से अलग और अनूठा होगा. ‘द वन’ के तहत पेश की जाने वाली प्रत्येक रचना एक स्वतंत्र डिजाइन फिलॉसॉफी पर आधारित होगी. प्राकृतिक हीरों की चमक, उत्कृष्ट कलात्मकता और अत्यंत बारीकी से की गई कारीगरी का संगम होने के कारण, ये आभूषण केवल आभूषण न रहकर संग्रहणीय कलाकृतियों (कलेक्टिबल्स) के रूप में भी पहचाने जाएंगे. असाधारण चीजों की समझ रखने वाले ग्राहकों के लिए यह रचना एक विशेष आकर्षण साबित होगी.उत्कृष्ट आभूषणों का शौक रखने वाले ग्राहकों के लिए ‘द वन’ का प्रत्येक एडिशन सीमित समय के लिए और अत्यंत सीमित संख्या में उपलब्ध होगा. इस वजह से इसका आकर्षण और मूल्य और अधिक बढ़ेगा, साथ ही यह आने वाली कई पीढ़ियों के लिए सहेज कर रखने योग्य साबित होगा. यह पहल रेवा डायमंड्स के नवाचार, उत्कृष्ट शिल्प कौशल और लग्जरी ज्वेलरी के क्षेत्र में सर्वोत्तम ग्राहक अनुभव प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती देती है.प्राकृतिक हीरों के सदाबहार आकर्षण और आधुनिक डिजाइन का संगम दिखाते हुए ‘द वन’ विशिष्टता का एक नया मानदंड स्थापित कर रहा है. इसकी प्रत्येक रचना इसे पहनने वाले व्यक्ति की तरह ही अद्वितीय होनी चाहिए, इसी संकल्पना से इसे साकार किया जाता है. ग्राहकों को इन विशेष कृतियों का अनुभव रेवा डायमंड्स के पुणे स्थित पुण्याई बिजनेस सेंटर, पौड रोड और फीनिक्स मॉल ऑफ द मिलेनियम, वाकड़ के शोरूम में मिल सकेगा. ‘द वन’ के माध्यम से रेवा डायमंड्स ग्राहकों को ऐसे आभूषण खरीदने के लिए आमंत्रित कर रहा है, जिन्हें केवल पहना नहीं जाता, बल्कि गर्व के साथ मनाया जाता है- प्रतिष्ठा, व्यक्तित्व और शाश्वत उत्कृष्टता के प्रतीक के रूप में.
‘द वन’ यानी दुर्लभ, अलग व यादगार कलाकृतियां
आज के समय में लग्जरी का मतलब अधिक चीजों का मालिक होना नहीं है, बल्कि सही मायनों में एक अनोखी चीज अपने पास होना है. ‘द वन’ के माध्यम से हम व्यक्तिगतता और विशिष्टता का जश्न मनाने वाला एक अनूठा अनुभव तैयार कर रहे हैं. प्रत्येक कलाकृति बहुत ही सोच-समझकर बनाई जाती है, ताकि वह दुर्लभ, अलग और यादगार बने. ग्राहकों को उनकी शख्सियत और दर्जे के अनुरूप एक खास रचना मिले, यही इसके पीछे का उद्देश्य है. - आदित्य मोडक, संचालक, रेवा डायमंड्स