कंजक्टिवाइटिस आपकी आंखाें का दुश्मन है : सतर्कता बरतना जरूरी!

    19-Jun-2026
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कंजक्टिवाइटिस काे आम भाषा में आंख आने के नाम से जाना जाता है.
 
जब कंजक्टिवा में सूजन या संक्रमण हाे जाता है ताे उसे कंजक्टिवाइटिस कहते हैं. कंजंक्टिवा आंख के सेद हिस्से के ऊपर की झिल्ली काे कहा जाता है.
 
क्या हैं लक्षण : आंखाें में दर्द व खुजली हाेती है, उनमें से पानी आने लगता है. आंखाें में सूजन आ जाती है, उनमें चुभन महसूस हाेती है और ऐसा भी लगता है जैसे आंखाें में कुछ चला गया हाे या घर कर गया हाे.
 
क्या-क्या बरतें सावधानियां : आंख आने पर सबसे पहले आंख काे धूल-मिट्टी और धूप से बचाने पर विशेष ध्यान दें. इसके लिए गाॅगल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में आंखाें का बारिश के पानी से बचाव भी आवश्यक है. कंजक्टिवाइटिस के शिकार हाें ताे किसी से हाथ मिलाने आदि से बचें, क्याेंकि इससे संक्रमण का खतरा हाेता है.
 
जिसे यह राेग हाे उन्हें अपना रुमाल, ताैलिया और अपने कपड़े अलग रखने चाहिए, क्याेंकि उनके द्वारा भी संक्रमण हाेता है. हाथ से आंख छुएं ताे तुरंत साबुन से हाथ धाे लें.
 
खतरनाक भी हाे सकता है : कंजक्टिवाइटिस अगर बढ़ जाये ताे यह काॅर्निया (नेत्र पटल) काे प्रभावित करने लगता है, जिससे देखने की क्षमता में भी क्षति हाेने का खतरा हाे सकता है. इसलिए इस राेग से घिरने पर डाॅक्टर से जांच करवा कर उनकी सलाह पर अमल अवश्य करें.
 
इसके तीन प्रकार : बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस, वायरल कंजंक्टिवाइटिस और एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस.
 
बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस इसमें आई लिउ आपस में चिपकने लगती है. बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस से आंख ग्रस्त हाेने पर विशेष रुई से आंखें साफ करनी चाहिए. इसके लिए पानी में रुई डालकर 10 मिनट तक उबाल लें और िफर उसे ठंडा हाेने दें. अब रूई निचाेड़कर आंख साफ कर लें. इस तरह दिन में कम से कम 3-4 बार साफ करें.
 
वायरल कंजक्टिवाइटिस इस कंजक्टिवाइटिस से पीड़ित आंख में पानी बहुत ज्यादा आता है. इसमें आंखाें के सेद हिस्से में खून भी आ जाता है. यह अधिकतर सर्दी-जुकाम हाेने पर या जुकाम ठीक हाेने के तुरंत बाद हाेता है. यदि जुकाम ठीक हाे ताे इस राेग में दिन में 3-4 बार आइसिंग करनी चाहिए. इसके लिए साफ रुमाल में र्बफ बांधकर उससे सिकाई करें.
 
वायरल कंजक्टिवाइटिस इस कंजक्टिवाइटिस से पीड़ित आंख में पानी बहुत ज्यादा आता है. इसमें आंखाें के सेद हिस्से में खून भी आ जाता है. यह अधिकतर सर्दी-जुकाम हाेने पर या जुकाम ठीक हाेने के तुरंत बाद हाेता है. यदि जुकाम ठीक हाे ताे इस राेग में दिन में 3-4 बार आइसिंग करनी चाहिए. इसके लिए साफ रूमाल में र्बफ बांधकर उससे सिकाई करें.
 
एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस जब शरीर के किसी हिस्से में एलर्जी हाेने के कारण आंख आती है ताे वह एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस राेग कहलाता है. इसमें आंखाें में खुजली हाेती है, साथ ही आंखें गंभीर रूप से लाल हाे जाती हैं. यहां तक कि आंखाें की लिड भी लाल हाे जाती हैं. इसमें धागे जैसा डिस्चार्ज हाेता है. यह कम संक्रामक हाेता है. इसमें शरीर के अन्य हिस्से में हुई एलर्जी का जल्दी ठीक हाेना जरूरी हाेता ह