आजकल मसालेदार भाेजन, फास्ट फूड, असमय खाना खाने की आदत और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण दस्त (डायरिया) जैसी परेशानियां हाेती रहती है. दस्त हाेने पर शरीर डिहाइड्रेट हाे सकता है.
इससे शरीर में थकान, कमजाेरी और पाेषक तत्वाे की कमी भी हाेने लगती है. ऐसे में पलाश की गाेंद का सेवन लाभदायक हाेता है.
यह गाेंद एक नेचुरल और प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है. जाे दस्त पेचिश गैस्ट्राेएसाेफेजियल रिपल्नस डिजीज और पेट की गर्मी में लाभकारी हाेता है.
यह आंताें की गंदगी काे साेखने और मल काे सामान्य करने में मदद करता है.
इसका नियमित से सेवन करने से बार-बार शाैच जाने की समस्या में लाभ मिलता है.
गाेंद के ठंडक देने वाले यह गुण पेट की अम्लता काे कम करते है और आहारनती की परत काे सुरक्षा प्रदान करते है. यह गाेंद आंतरिक सूजन काे शांत करती है और एसिड रिफल्नस की तीव्रता काे घटाती है. जिन्हें भाेजन के बाद पेट में भारीपन की समस्या रहती है, उन्हें इसके सेवन से लाभ मिल सकता है. आयुवेदिक दवाइयाेंं में गाेंद काे पाउडर या छाेटे-छाेटे टुकड़ाें के रूप मे किया जाता है. गुनगुने पानी में भिगाेकर इसका सेवन किया जाता है.