पुणे, 18 जून (आ.प्र.)
अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान लगाया था कि जून में बारिश में रुकावट (खंड) आएगी और जुलाई में अच्छी बारिश होगी. आश्चर्य की बात यह है कि पंचांगों ने भी यह भविष्यवाणी बिल्कुल सटीक रूप से की है. भारतीय पंचांग में इस वर्ष राज्य में 20 जून तक कम बारिश का अनुमान जताया गया है. हालांकि, 22 जून से 4 नवंबर तक अच्छी बारिश का अनुमान लगाया गया है. इस वर्ष बारिश के दिन कम होंगे लेकिन सूखा अंतराल अधिक रहेगा. सभी नक्षत्रों में पर्याप्त बारिश होगी, ऐसा दावा पंचांगकर्ताओं ने किया है. राज्य के सभी प्रमुख पंचांगों में उस वर्ष का नक्षत्रवार वर्षा पूर्वानुमान दिया जाता है. इस वर्ष भी सभी पंचांगों में ऐसा ही दिया गया है. चंद्रमा की कक्षा के भ्रमण काल, घटी (घटका), पल और तिथि के अनुसार लगभग 800 वर्षों के गणित का उपयोग करके यह पूर्वानुमान लगाया जाता है. कुल 27 नक्षत्र हैं, जिनमें से वर्षा से संबंधित नक्षत्रों को चुनकर उनका पूर्वानुमान प्रस्तुत किया गया है. पंचांगकर्ता मोहन दाते ने कहा कि, अब नक्षत्रों में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति और समय के अनुसार वैदिक गणित का उपयोग करके यह अंदाज लगाया जाता है. लगभग एक साल पहले यह अंदाज जारी किया जाता हैं. मौसम विभाग की तरह हमारे पास आधुनिक रडार प्रणाली नहीं है. हमारे शास्त्र में अल नीनो जैसा कोई विषय नहीं आता. हम ग्रहों की स्थिति के आधार पर पूर्वानुमान लगाते हैं, वह भी एक साल पहले; जबकि मौसम विभाग केवल चार दिन आगे-पीछे का पूर्वानुमान देता है. सूर्य और चंद्रमा किस नक्षत्र में कहां हैं, उस समय की कुंडली तैयार की जाती है. इसमें पूरे महाराष्ट्र का पूर्वानुमान शामिल होता है. ग्रहों की स्थिति-युति के संदर्भ और कुछ प्राचीन ग्रंथों के विचारों को इसमें ध्यान में रखा जाता है. पंचांग के अनुसार नक्षत्रवार बारिश का पूर्वानुमान मृग नक्षत्र (7 जून से 21 जून): कम बारिश तारीख 8, 9 और 14 को बारिश होगी. हालांकि, यह केवल छिटपुट स्थानों पर होगी. आर्द्रा नक्षत्र (22 जून से 5 जुलाई) : तारीख 22, 23, 25, 26 और 29 जून को मध्यम बारिश होगी. पुनर्वसु नक्षत्र (6 जुलाई से 19 जुलाई): दिनांक 6, 7, 13, 14, 15, 18 और 19 जुलाई को बारिश होगी. इस अवधि के दौरान मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे जलस्तर बढ़ेगा और बांध भर जाएंगे. पुष्य नक्षत्र (20 जुलाई से 2 अगस्त): तारीख 24, 25, 29, 30, 31 जुलाई और 1 अगस्त को बारिश होगी. इस नक्षत्र में हर जगह अच्छी बारिश होगी और कुछ स्थानों पर अतिवृष्टि की संभावना है. आलेषा नक्षत्र (3 अगस्त से 16 अगस्त): तारीख 3, 4, 10 और 15 अगस्त को बारिश होगी. बारिश कम होगी लेकिन संतोषजनक रहेगी. मघा नक्षत्र (17 अगस्त से 29 अगस्त): तारीख 25, 26, 27, 28 और 29 अगस्त को बारिश होगी. इसके पूर्वार्ध में बारिश का बड़ा अंतराल (खंड) रहेगा, लेकिन उत्तरार्ध में भारी बारिश होगी. मराठवाड़ा, विदर्भ, सोलापुर और उत्तर भारत में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. पूर्वा नक्षत्र (30 अगस्त से 12 सितंबर): तारीख 4, 5, 6 और 9 सितंबर को बारिश होगी. मध्यम बारिश होगी (दक्षिण महाराष्ट्र में अधिक जोर रहेगा) और शेष क्षेत्रों में कम बारिश होगी. उत्तरा नक्षत्र (13 सितंबर से 26 सितंबर): तारीख 19, 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को बारिश होगी. इस नक्षत्र में मौसम में गर्मी बढ़ेगी और बारिश भी भरपूर होगी. विदर्भ, मराठवाड़ा, सोलापुर और उत्तर भारत में जनजीवन प्रभावित होगा. हस्त नक्षत्र (27 सितंबर से 9 अक्टूबर): तारीख 27, 28, 29 सितंबर और 4, 6, 7 अक्टूबर को होगी. लेकिन रुक-रुक कर बारिश होगी, लेकिन भारी बौछारें भी पड़ेंगी. चित्रा नक्षत्र (10 अक्टूबर से 23 अक्टूबर): तारीख 10, 11, 19 और 22 अक्टूबर को बारिश होगी. इस दौरान मध्यम बारिश होगी. स्वाति नक्षत्र (24 अक्टूबर से 7 नवंबर): तारीख 24, 25, 31 अक्टूबर और 1, 2, 3, 4 नवंबर को बारिश होगी. कुछ क्षेत्रों में अतिवृष्टि की संभावना है.
भारी बारिश का पूर्वानुमान : डैम पानी से भर जाएंगे
6 जुलाई से 19 जुलाई: मूसलाधार बारिश (बांध भर जाएंगे) 24 जुलाई से 9 अगस्त: मूसलाधार बारिश (कुछ स्थानों पर अतिवृष्टि) 25 अगस्त से 29 अगस्त: मूसलाधार बारिश (कोंकण, विदर्भ, सोलापुर और उत्तर भारत में बाढ़ की स्थिति संभव है) 13 सितंबर से 24 सितंबर: विदर्भ, मराठवाड़ा, सोलापुर और उत्तर भारत में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा. 24 से 31 अक्टूबर और 1 से 4 नवंबर: कुछ क्षेत्रों में अतिवृष्टि की संभावना