पुणे, 19 जून (आ.प्र.) भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), पुणे शाखा कार्यालय द्वारा हाइड्रोजन ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय मानक आईएसओ 14687:2026 हाइड्रोजन ईंधन गुणवत्ता : उत्पाद विनिर्दे शन विषय पर एक विशेष मानक मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योगों, उद्योग संघों, सरकारी संगठनों, प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य हितधारकों के 120 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ बीआईएस पुणे शाखा कार्यालय के निदेशक एवं प्रमुख कोगलेेशर कुमार के स्वागत भाषण से हुआ. उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों और सतत विकास को बढ़ावा देने में मानकीकरण की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और सेवाओं के लिए मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है. मुख्य अतिथि बी. गोपीनाथ, उपमहानिदेशक (पश्चिमी क्षेत्र), भारतीय मानक ब्यूरो ने अपने संबोधन में भारतीय उद्योगों द्वारा गुणवत्ता संवर्धन और मानकों को अपनाने के प्रयासों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग देश की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अर्चना कोठारी, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), पुणे ने अपने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता तंत्रों की विस्तृत जानकारी दी. तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने हाइड्रोजन ईंधन तथा पर्यावरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में हो रहे शोध और नवाचारों पर विचार साझा किए. डॉ. रत्नदीप जोशी, प्रोफेसर, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी ने हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की. वहीं सी. श्रीधर, महासचिव, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) ने हाइड्रोजन ईंधन प्रौद्योगिकी तथा सतत गतिशीलता के क्षेत्र में एआरएआई की पहल और अनुसंधान गतिविधियों पर प्रकाश डाला.