अदालत के इस फैसले के बाद अब यह सवाल खड़ा हाे गया है कि आखिर मेरे पिता की हत्या किसने की.आगे न्याय पाने के लिए हम उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. यह स्पष्ट करते हुए पवनराजे निंबालकर के पुत्र और सांसद ओमराजे निंबालकर ने कहा कि अपने आगामी राजनीतिक सफर और शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हाेने की चर्चाओं पर वह अगले दाे दिनाें में अपनी राजनीतिक भूमिका स्पष्ट करेंगे.पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के फैसले पर पुणे में पत्रकाराें से बातचीत करते हुए ओमराजे निंबालकर ने कहा कि शुरुआत में राज्य सरकार की पुलिस द्वारा इस मामले की जाे जांच की गई थी, उसमें भारी खामियां थीं, यह अब स्पष्ट हाे गया है. हमारी लगातार मांग के बाद इस मामले की जांच सीबीआई काे साैंपी गई, लेकिन तब तक लगभग तीन वर्ष का लंबा समय बीत चुका था.
उन्हाेंने कहा कि सीबीआई ने अपनी ओर से अच्छी जांच की थी. लेकिन आज आए फैसले काे देखते हुए यदि सभी आराेपी सबूताें के अभाव में बरी हाे रहे हैं, ताे फिर पवनराजे निंबालकर की हत्या किसने की. यह बड़ा सवाल आज मेरे और मेरे पूरे परिवार के सामने खड़ा हाे गया है.क्या समाज में अच्छे लाेगाें काे हमेशा निराशा ही झेलनी पड़ती है, यह कहते हुए उन्हाेंने अपनी पीड़ा व्यक्त की.ओमराजे निंबालकर ने कहा कि हम पिछले 20 वर्षाें से इस फैसले का इंतजार कर रहे थे. पिता की इतनी निर्मम हत्या हाेने के बाद एक बेटे और पूरे परिवार पर क्या बीतती हाेगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. मेरी सरकार से यही अपेक्षा है कि दाेषियाें काे कड़ी से कड़ी सजा मिले. अब इस फैसले का विस्तृत अध्ययन करने के बाद हम इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.
इन दिनाें राजनीतिक गलियाराें में ओमराजे निंबालकर के दल बदलने और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेनमें शामिल हाेने की चर्चाएं तेज हैं. इस पर उन्हाेंने कहा कि मेरा आगामी राजनीतिक निर्णय चाहे जाे भी हाे, मैंने कभी उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के बारे में कुछ गलत नहीं कहा और भविष्य में भी उन पर काेई टिप्पणी नहीं करूंगा.उन्हाेंने कहा कि वर्ष 2022 में जब शिवसेना में विभाजन हुआ था, तब भी मैं अन्य नेताओं की तरह जा सकता था. यदि तब नहीं गया ताे अब क्याें जा रहा हूं, इस तरह के आराेप मुझ पर लगाए जा रहे हैं. मैं अपने संसदीय क्षेत्र की जनता से विस्तृत चर्चा करूंगा.
जनता काे विश्वास में लेकर ही अपने अगले राजनीतिक कदम पर अंतिम निर्णय लूंगा और अगले दाे दिनाें में अपनी भूमिका स्पष्ट करूंगा.ओमराजे निंबालकर के निवास के बाहर पुलिस बंदाेबस्त पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में शनिवार काे बाॅम्बे उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया. इस फैसले की पृष्ठभूमि में पुणे स्थित ओमराजे निंबालकर के निवास के बाहर पुलिस बंदाेबस्त तैनात किया गया था. उनके निवास क्षेत्र के आसपास की दुकानें भी इस दाैरान बंद रखी गई थीं.फैसले के बाद ओमराजे निंबालकर अपने निवास पर पहुंचे, जहां उन्हाेंने पत्रकाराें से बातचीत की.