सांसदाें काे खरीदने के लिए सरकार के पास पैसे हैं, पर नीट पीड़िताें के लिए नहीं. यह प्रतिपादन काॅकराेच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया. शनिवार काे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दाैरान पार्टी ने केंद्र सरकार काे कटघरे में खड़ा किया.उन्हाेंने कहा-जाे भी पार्टियां छात्राें की लड़ाई का समर्थन कर रही हैं वे खुलकर हमारे साथ आएं, सरकारें शिक्षा व्यवस्था काे ‘माफिया’ काे साैंप रही हैं. समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था.जबकि परमिशन शाम तक की मिली थी.उन्हाेंने कहा इसी कारण सरकारी स्कूल बंद हाेते जा रहे हैं. दीपके ने कहा- शिक्षा मंत्री धर्में द्र प्रधान काे इस्तीफा देना ही हाेगा. 38 दिनाेंमें 14 छात्राें ने आत्महत्या कर ली है. सरकार स्टूडेंट के जीवन से खिलवाड़ कर रही है. वहीं दूसरी ओर देशभर से आए छात्राें ने थाली बजाकर ‘गाे-प्रधान’ के नारे लगाए और जाेरदार प्रदर्शन किए.पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दाैरान महात्मा गांधी और डाॅ. भीमरावअंबेडकर की तस्वीराें के साथ मंच साझा किया.
कार्यक्रम स्थल पर उन छात्राें के पाेस्टर भी लगाए गए, जिनकी माैत की खबरें हाल के दिनाें में सामने आई हैं. प्रदर्शन से एक दिन पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी काे पत्र लिखकर उन छात्राें के परिवाराें के लिए आर्थिक सहायता की मांग की. जनकी माैत की घटनाएं चर्चा में रही हैं. उन्हाेंने प्रत्येक प्रभावित परिवार काे एक कराेड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की.इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई. पत्र में उन्हाेंने कहा कि शिक्षा से जुड़े विवाद और अनिश्चितता का असर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. उनका कहना था कि परीक्षा दाेबारा आयाेजित हाेने के बावजूद छात्राें के बीच तनाव और चिंता की स्थिति बनी हुई है, इसलिए सरकार काे मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.अभिजीत दीपके इससे पहले 6 जून काे भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुके हैं. उनकी पार्टी पुणे, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर समेत कई शहराें में भी इस मुद्दे पर विराेध प्रदर्शन आयाेजित कर चुकी है. सीजेपी ने स्टेज पर नीट पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स के पाेस्टर भी लगाए हैं.