मानसून सत्र के पहले दिन नए सदस्याें काे शपथ दिलायी गई. आशा भाेसले, सुमन कल्याणपुर काे श्रद्धांजलि के साथ सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई. विपक्ष ने विधान भवन की सीढ़ियाें पर प्रदर्शन कर सदन में हंगामा हाेने का संकेत दिया. इस मानसून सत्र में 10 विधेयक पेश हाेंगे.यह सत्र 1 जुलाई तक चलेगा.साल 2026 के लिए महाराष्ट्र विधानसभा का दूसरा (माॅनसून) सत्र साेमवार से मुंबई के विधान भवन में शुरू हुआ. पहले दिन की कार्यवाही राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ और ‘जय जय महाराष्ट्र माझा’ के साथ शुरू हुई. पहले दिन, नए चुने गए विधायकाें के शपथ ग्रहण समाराेह, अलग-अलग अध्यादेशाें और सप्लीमेंट्री मांगाें काे पेश करने और गणमान्य लाेगाें काे श्रद्धांजलि देते हुए शाेक प्रस्ताव पेश करनके साथ सदन की कार्यवाही आज यानी मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.सदन की कार्यवाही शुरू हाेने पर, स्पीकर ने श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार और अक्षय कर्डिले काे शपथ दिलाई.
शाेक प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले ही, विपक्ष के नेता नाना पटाेले ने सदन में राज्य में गंभीर सूखे और पानी की कमी का मुद्दा उठाया. उन्हाेंने कहा, राज्य में ‘अल नीनाे’ के असर से नदियां, नाले, डैम और झीलें सूख गई हैं. ग्राउंडवाॅटर लेवल गिर गया है और शहराें और गांवाें में पीने का पानी नहीं मिल रहा है और मुख्यमंत्री से इस पर अच्छी चर्चा करने की मांग की.ऑर्डिनेंस और बिल पेश किए गए.राज्य के अलग-अलग मंत्रियाें ने सदन में कई ज़रूरी ऑर्डिनेंस और बिल पेश किए :
1) साल 2026-27 के लिए सप्लीमेंट्री डिमांड : राज्य सरकार की तरफ से साल 2026-2027 के लिए सप्लीमेंट्री डिमांड सदन में पेश की गईं.इन डिमांड पर 29 और 30 जून काे चर्चा और वाेटिंग हाेगी.
2) पेश किए गए बड़े ऑर्डिनेंस : सरकारी कर्मचारियाें के ट्रांसफर का रेगुलेशन, सहित कई अन्य बिल पेश किए गए.