मंगेतर ने ही प्रेमी के साथ मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की

लोहगढ़ किले पर पैर फिसलने से खाई में गिरने से मौत के मामले में हैरान कर देने वाला खुलासा

    24-Jun-2026
Total Views |
 
hrthgtr
लोनावला/पाषाण, 23 जून (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर घूमने गए एक 25 वर्षीय युवक केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा किया है. शुरुआत में जिसे पैर फिसलने के कारण हुआ एक सामान्य हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी, क्रूर और रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या की खौफनाक वारदात निकली. पाषण स्थित पुलिस अधीक्षक पुणे ग्रामीण के कार्यालय में हुई पत्रकार-वार्ता में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने जानकारी देते हुए बताया कि, पुणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय क्राइम ब्रांच और लोनावला ग्रामीण पुलिस ने तेज और संयुक्त कार्रवाई करते हुए मृतक युवक की होने वाली पत्नी (मंगेतर) सिया प्रवीण बसेश्वर गोयल (उम्र 20 वर्ष, नि. लीलाकुंज, न्यू इरा सोसाइटी, गंगाधाम के सामने, कोंढवा रोड, बिबवेवाड़ी, मार्केट यार्ड, पुणे) और उसके प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी (उम्र 22 वर्ष, नि. पार्श्वनगर, बी 4/301 कोंढवा बुद्रुक, पुणे) को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे युवक को रास्ते से हटाने के लिए उसे किले की ऊंचाई से नीचे धकेल दिया था और पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी. पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात कबूल की. पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस हत्या की गुत्थी को महज पांच दिनों के भीतर सुलझा लिया. दोनों आरोपियों को पुलिस ने वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया. जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 29 जून तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.  
 
 मर्डर के लिए ‌‘लोहगढ़ किला‌’ ही क्यों चुना?
केतन अग्रवाल को ट्रेकिंग (किले चढ़ने) का बहुत शौक था. आरोपियों को पता था कि लोहगढ़ किला बेहद सीधा, खड़ी चढ़ाई वाला धारदार ढलान वाला है. यहां से अगर किसी को नीचे धकेला जाए, तो उसके बचने की गुंजाइश न के बराबर होती है. अपनी साजिश को परखने के लिए सिया और केतन पिछले महीने ही लोहगढ़ का एक चक्कर लगाकर आए थे (ताकि जगह की रेकी की जा सके). वहीं पर सिया ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर केतन को ठिकाने लगाने का पूरा प्लान तैयार किया था.
 
 दोनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार और पुलिस की कड़ी कार्रवाई
पुणे ग्रामीण एसपी गिल ने बताया कि, योजना के अनुसार, जब केतन और सिया किले के सुनसान पश्चिमी छोर पर पहुंचे, तो पीछे से उसका प्रेमी चेतन चौधरी वहां आ गया. दोनों ने मिलकर केतन को संभलने का कोई मौका दिए बिना सीधे किले से नीचे गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे पत्थरों से टकराकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाने के बाद आरोपी चेतन बाबूलाल चौधरी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता मंगेतर सिया प्रवीण गोयल को भी तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया. अब दोनों के खिलाफ लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 61(2) के तहत हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम कुमार, पुणे विभाग, उपविभागीय पुलिस अधिकारी गजानन तोणपे, लोनावला उपविभाग, पुलिस उप अधीक्षक (गृह) राजेंद्र मायन के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक प्रमोद क्षीरसागर, लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक दिनेश तायडे, स्थानीय क्राइम ब्रांच के पुलिस उपनिरीक्षक अभिजीत सावंत, लोनावला पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक मनोज पवार, स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस कर्मचारी संतोष शेलके, तुषार भोईटे, गणेश होळकर, संजय पडयाळ, अजीत भुजबळ, अमोल शेडगे, भारत मोहोळ, चेतन पाटील, गणेश धनवे, संतोष भापकर, वैभव सावंत, अजय देडे, भाऊसाहेब पुंड, समीर तांगडे, महिला पुलिसकर्मी नंदा कदम, सुजाता कदम, शरयू बिरंबुळे, पुलिसकीर्म जय पवार, सागर धनवे, अमोल कसबेकर, संजय पंडित, प्रशांत तुरे, पवन कराड, सचिन गायकवाड की टीम ने की है. मामले में आगे की जांच लोनावला ग्रामीण पुलिस कर रही है.
 
  बाली प्री-वेडिंग ट्रिप की साजिश और पासपोर्ट का खोना

जांच में सामने आया है कि केतन विशाल अग्रवाल और सिया गोयल का प्री-वेडिंग फोटोशूट बाली (इंडोनेशिया) में होने वाला था. इसके लिए फ्लाइट की बुकिंग भी हो चुकी थी. लेकिन सिया के मन में कुछ और ही चल रहा था; वह केतन के साथ बाली नहीं जाना चाहती थी. इसलिए उसने एक चाल चली और केतन का पासपोर्ट या तो कहीं छुपा दिया या जानबूझकर गायब कर दिया. किसी को शक न हो, इसलिए वह केतन के साथ मुंबई एयरपोर्ट तक भी गई. वहां पहुंचने पर पासपोर्ट न मिलने का बहाना बनाकर दोनों को बिना यात्रा किए वापस लौटना पड़ा. वह गायब पासपोर्ट आज तक नहीं मिला है और पुलिस को पूरा संदेह है कि वह पासपोर्ट सिया के पास ही है, जिसकी तलाश की जा रही है.

मार्केट यार्ड में प्यार की शुरुआत और अधूरी पढ़ाई

सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की जान-पहचान पिछले एक साल से थी. पुणे के मार्केट यार्ड में सिया के पिता और चेतन के पिता, दोनों की दुकानें हैं. इसी मार्केट यार्ड में मुलाकातों के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई जो बाद में प्यार में बदल गई. दोनों ने ही बीबीए की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी. सिया ने बीबीए के दूसरे वर्ष में पढ़ाई रोकी, जबकि चेतन ने भी अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी. दोनों अलग-अलग कॉलेजों में थे. उन्होंने अपने प्यार की बात को पूरी तरह से गुप्त रखा था, ताकि किसी को भनक न लगे. इसी प्यार की वजह से सिया, केतन अग्रवाल के साथ शादी करने का लगातार विरोध कर रही थी.
 
  खौफनाक साजिश का पर्दाफाश
पुलिस जांच और संदिग्धों से पूछताछ के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि केतन की मंगेतर सिया प्रवीण गोयल का चेतन बाबूलाल चौधरी नामक युवक के साथ गुप्त और गहरा प्रेम संबंध था. सिया के परिवार वालों ने उसकी मर्जी के खिलाफ उसकी शादी केतन अग्रवाल के साथ तय कर दी थी, लेकिन सिया इस शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी. वह चेतन चौधरी के साथ ही अपना जीवन बिताना चाहती थी और केतन को अपने प्रेम संबंधों के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा मानती थी. केतन को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने के लिए सिया और उसके प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी ने मिलकर एक बेहद खौफनाक साजिश रची. साजिश के तहत सिया ने केतन को लोहगढ़ किले पर घूमने के बहाने बुलाया और अपने प्रेमी चेतन को भी चुपके से वहीं बुला लिया.
लोहगढ़ किले पर घुमाने का तीन बार बहाना बनाया
शादी तय तो हो गई थी, लेकिन यह सिया को मंजूर नहीं थी. सिया और चेतन चौधरी के बीच प्रेम संबंध होने के कारण, अपने प्यार की राह में रोड़ा बन रहे केतन को रास्ते से हमेशा के लिए हटाने का उन दोनों ने एक खौफनाक और सुनियोजित जाल बुना था. तय प्लान के मुताबिक, सिया ने केतन को मावल स्थित लोहगढ़ किले पर घुमाने का तीन बार बहाना बनाया. 31 मई और 14 जून को केतन और सिया वहां घूमकर आ चुके थे, जबकि 4 जून का प्लान केतन के परिवार के इनकार के कारण असफल हो गया था. आखिरकार, अपने जन्मदिन का अवसर भुनाते हुए सिया ने 18 जून को पूरी तैयारी के साथ दोबारा जिद की और केतन को फिर से लोहगढ़ किले पर ले गई. गुरुवार, 18 जून को केतन और सिया सुबह साढ़े आठ बजे केतन की कार से घर से लोहगढ़ के लिए रवाना हुए थे और सुबह 10 बजे दोनों लोहगढ़ पहुँच गए थे. इससे पहले दो बार उनका मुख्य प्रयास असफल रहा था, लेकिन इस बार वह इसे नाकाम नहीं होने देना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने पूरी सावधानी बरती थी.
 
 शादी का था करोड़ों का बजट 

 दोनों परिवारों की मर्जी से आगामी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक शाही पैलेस में भव्य शादी होने वाली थी. तैयारियों के तहत मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्लेन तक बुक हो चुके थे और शादी का अनुमानित बजट करीब करोड़ों रुपये था.
 
पुलिस की जांच की दिशा मोड़ने का प्रयास

आरोपी चेतन चौधरी ने पुलिस की जांच में खुद का नाम न आए, इसके लिए अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था. उसका मानना था कि वह पुलिस के सामने यह बहाना बना सकेगा कि मैं घटना के समय वहां मौजूद ही नहीं था, आप चाहें तो मेरा मोबाइल लोकेशन चेक कर सकते हैं. इसी गलतफहमी में आरोपी ने बड़ी चालाकी से वारदात के वक्त मोबाइल का इस्तेमाल करने से परहेज किया. साथ ही, अपना लोकेशन छिपाने के लिए वह घटना स्थल (लोहगढ़ किले) पर जाते समय मोबाइल साथ लेकर नहीं गया था. लेकिन पुलिस की आधुनिक तकनीकी जांच के सामने उसकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई; मोबाइल घर पर होने के बावजूद पुलिस ने कड़ियां जोड़कर आरोपी को अपने जाल में दबोच लिया.  
 
पहचान छिपाने के लिए आरोपी चेतन चौधरी ने पहनी ‌‘हुडी‌’

लोहगढ़ किले पर अपनी प्रेमिका के होने वाले पति की हत्या करने जाते समय अपनी पहचान छुपाने के लिए आरोपी चेतन चौधरी ने कड़ी धूप में भी ‌‘हुडी‌’ (सिर ढकने वाली जैकेट) पहन रखी थी, जिसे आमतौर पर लोग ठंड के दिनों में पहनते हैं. इसके साथ ही, उसका चेहरा किसी को साफ दिखाई न दे, इसके लिए उसने कानों पर बड़े हेडफोन लगा रखे थे. इतनी चालाकी करने के बाद भी पुलिस की पैनी नजरों और जांच से वह बच नहीं सका. सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि उस भीषण गर्मी में किसी भी अन्य व्यक्ति ने हुडी नहीं पहनी थी, तो फिर यह अकेला शख्स कड़ी धूप में हुडी पहनकर क्यों घूम रहा है? जब पुलिस ने इस संदेहास्पद हुडी वाले शख्स की गहराई से जांच की, तो साफ हो गया कि यही असली हत्यारा है. इस प्रकार, आरोपी द्वारा चली गई यह शातिर चाल भी पुलिस की मुस्तैद जांच के आगे टिक नहीं सकी. पुलिस की जांच की दिशा मोड़ने का प्रयास आरोपी चेतन चौधरी ने पुलिस की जांच में खुद का नाम न आए, इसके लिए अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था. उसका मानना था कि वह पुलिस के सामने यह बहाना बना सकेगा कि मैं घटना के समय वहां मौजूद ही नहीं था, आप चाहें तो मेरा मोबाइल लोकेशन चेक कर सकते हैं. इसी गलतफहमी में आरोपी ने बड़ी चालाकी से वारदात के वक्त मोबाइल का इस्तेमाल करने से परहेज किया. साथ ही, अपना लोकेशन छिपाने के लिए वह घटना स्थल (लोहगढ़ किले) पर जाते समय मोबाइल साथ लेकर नहीं गया था. लेकिन पुलिस की आधुनिक तकनीकी जांच के सामने उसकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई; मोबाइल घर पर होने के बावजूद पुलिस ने कड़ियां जोड़कर आरोपी को अपने जाल में दबोच लिया.
 महाबलेेशर की पार्टी से पहले ही रास्ते का ‌‘कांटा‌’ निकालने की जल्दबाजी

केतन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में अग्रवाल परिवार ने महाबलेश्वर में एक बड़ी पार्टी का आयोजन किया था. सिया किसी भी हालत में उस पारिवारिक पार्टी में शामिल नहीं होना चाहती थी. उसे डर था कि इसके बाद शादी को टालना नामुमकिन हो जाएगा. इसलिए उसने महाबलेश्वर की पार्टी से ठीक पहले ही केतन का ‌‘कांटा‌’ निकालने का फैसला किया और 18 जून की तारीख चुनी. 18 जून की सुबह केतन खुद गाड़ी ड्राइव करके सिया के साथ लोहगढ़ पहुंचा. साजिश के तहत, आरोपी प्रेमी चेतन चौधरी सुबह ही बाइक से लोहगढ़ के नीचे आकर इंतजार कर रहा था. सुबह करीब 10 बजे जैसे ही केतन और सिया किले के ऊपर पहुंचे, चेतन चुपके से उनके पीछे-पीछे ऊपर आ गया. सुबह 10.30 बजे के करीब सुनसान कगार (कोने) पर मौका पाते ही चेतन ने केतन को पीछे से जोरदार धक्का दे दिया. केतन सीधे गहरी और पथरीली खाई में जा गिरा, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.  
 
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने दिए गहन समानांतर जांच के आदेश
 मामले की गंभीरता और घटना के संदेहास्पद पहलुओं को देखते हुए पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने खुद इस मामले में व्यक्तिगत रूप से रुचि ली. उन्होंने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करने और मामले की समानांतर व गहन जांच करने के कड़े आदेश स्थानीय क्राइम ब्रांच को दिए. इसके लिए तत्काल दो विशेष जांच टीमों का गठन किया गया. जांच टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और दोनों के आपसी संबंधों की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया. पुलिस को गहरा संदेह था कि इस घटना के पीछे संपत्ति का विवाद या कोई गुप्त प्रेम संबंध हो सकता है. इसी दौरान मृतक के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल (उम्र 46 वर्ष) ने भी अपनी होने वाली बहू पर गहरा संदेह जताते हुए पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने जब कड़ाई से जांच की, तो परत-दर-परत सच्चाई सामने आने लगी.
 
 
  मंगेतर का प्री-बर्थडे मनाने गया था केतन
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार, केतन 18 जून को सुबह अपनी मंगेतर के साथ उसका प्री-बर्थडे मनाने के लिए लोहगढ़ किले पर गया था. सुबह करीब 10.30 बजे के आसपास वह खाई में गिर गया. शुरुआत में पुलिस की ओर से बताया गया था कि लोहगढ़ किले पर तेज हवा के कारण फोटो खींचते समय केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में गिर गया. इस दौरान मंगेतर सिया ने भी पुलिस को दिए बयान में कहा था कि केतन का पैर फिसल गया था, जिससे वह खाई में गिर गया. उसके इस बयान के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था.

केतन के घर में शाही शादी की चल रही थीं तैयारियां
इस हत्याकांड के पीछे की पृष्ठभूमि और पारिवारिक स्थिति काफी समृद्ध परिवारों से जुड़ी है. मृतक केतन विशाल अग्रवाल गहुंजे के रहने वाले थे और अपनी पारिवारिक रियल एस्टेट कंपनी में डायरेक्टर के पद पर थे. वहीं, आरोपी सिया प्रवीण गोयल पुणे के एक नामी मसाला व्यापारी की बेटी है.
 
  विवाह रिश्तेदारों की मध्यस्थता से तय हुआ था
 लोनावला ग्रामीण पुलिस निरीक्षक दिनेश तायडे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, केतन और सिया का विवाह रिश्तेदारों की मध्यस्थता से तय हुआ था. इससे पहले, अग्रवाल और गोयल परिवारों की जान-पहचान रिश्तेदारों ने गुलबर्गा, कर्नाटक में समाज के एक विवाह समारोह के दौरान कराई थी. इसी समय केतन और सिया की शादी की बात छेड़ी गई थी. कुछ ही दिनों में दोनों की शादी की बातचीत पक्की हो गई और 19 फरवरी को उनकी सगाई हुई थी. साथ ही, 25 नवंबर को राजस्थान में उनका विवाह होना तय हुआ था, जिसके लिए वहां के होटल, महल या हॉल की तलाश व निरीक्षण का काम चल रहा था. केतन ने अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री हासिल की थी. अमेरिका से डिग्री पूरी करने के बाद, वह अपने पिता विशाल अग्रवाल के साथ उनके कंस्ट्रक्शन बिजनेस को संभालने में हाथ बंटा रहा था. सिया के पिताजी प्रवीण बसेश्वर गोयल की मार्केटयार्ड में बी जी गोयल के नाम से मसाले व ड्रायफ्रूट्स की दुकान है. उनके परिवार में पत्नी पूजा गोयल, बड़ा बेटा साहिल (अविवाहित) और बेटी सिया है.
केतन को बार-बार फोन करके बाहर घूमने ले जाने को कहती थी
शादी तय होने के बाद, सिया केतन को बार-बार फोन करके बाहर घूमने ले जाने की मिन्नतें (विनती) करती थी. अपनी होने वाली पत्नी की इच्छा का सम्मान करते हुए केतन हमेशा उसकी जिद पूरी करने की कोशिश करता था. लेकिन उसे सिया की इस साजिश की भनक तक नहीं थी. सिया हमेशा उससे लोहगढ़ किले पर ही घूमने जाने की जिद किया करती थी, जिसके अनुसार केतन और सिया 31 मई को लोहगढ़ जाकर भी आए थे. इसके कुछ दिनों बाद, 4 जून को उसने फिर से लोहगढ़ घूमने जाने की जिद की, लेकिन इस बार केतन की मां ने इसका विरोध किया, जिसके कारण 4 जून का प्लान रद्द हो गया. इसके बाद सिया ने एक बार फिर केतन से 14 जून को लोहगढ़ घूमने जाने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार करते हुए वह 14 जून को लोहगढ़ घूमकर वापस आए थे.

सिया और चेतन की पहचान कैसे हुई?
पता चला है कि सिया का बड़ा भाई है साहिल. और साहिल की दोस्ती मार्केट यार्ड के ही एक अन्य व्यापारी के बेटे चेतन बाबूलाल चौधरी से थी. साहिल और चेतन के दोस्त होने की वजह से उनका ग्रुप बन गया था और सिया भी उस ग्रुप में शामिल हो गई, जिससे सिया और चेतन की दोस्ती हो गई. यह ग्रुप हमेशा साथ में मिलता रहता था. सिया और चेतन की दोस्ती के बारे में घरवालों को जानकारी नहीं होगी, दोस्त कैसे हो सकता है? यह सवाल निकटवर्ती पारिवारिकजनों द्वारा किया जा रहा है.
 कौन है चेतन बाबूलाल चौधरी ?
केतन अग्रवाल मर्डर केस में गिरफ्तार आरोपी चेतन बाबूलाल चौधरी और उसकी प्रेमिका सिया प्रवीण्ा बसेश्वर गोयल का परिवार पुणे के मार्केट यार्ड इलाके के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों में से हैं. मार्केट यार्ड में उनका व्यापारिक संबंध है. सिया और चेतन चौधरी दोनों के परिवारों की मार्केट यार्ड परिसर में दुकानें/व्यवसाय हैं और वे पिछले एक साल से एक-दूसरे को जानते थे. चौधरी ट्रेडिंग कंपनी पुणे के गुलटेकड़ी स्थित प्रसिद्ध मार्केट यार्ड (अनाज बाजार) में स्थित एक जानी-मानी व्यापारिक फर्म है. मुख्य आरोपी चेतन बाबूलाल चौधरी का परिवार इसी व्यवसाय से जुड़ा है. उनकी फर्म मुख्य रूप से अनाज बाजार में कमीशन एजेंट (आढ़ती) और मर्चेंट एजेंट के रूप में काम करती है. मार्केट यार्ड में कृषि उपज, अनाज और किराना से जुड़े थोक व्यापार में इस फर्म की अच्छी पकड़ रही है. इसका संचालन मार्केट यार्ड के काफी पुराने और प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों में से एक (चौधरी परिवार) द्वारा किया जाता है.
 
साजिश का पहला प्रयास रहा नाकाम, पांच दिन बाद दोबारा वारदात

 पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया कि केतन को रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने दो बार जाल बिछाया था
पहला प्रयास (14 जून)- सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन ने 14 जून को लोहगढ़ किले पर केतन को मारने की पहली कोशिश की थी. उन्होंने वहां सांप का डर दिखाकर केतन को खाई में गिराने की चाल चली, लेकिन केतन किस्मत वाले रहे और उस दिन बच गए. सीधे स्वभाव के होने के कारण केतन को मंगेतर पर कोई शक नहीं हुआ.
दूसरा प्रयास (18 जून)- पहली प्लानिंग फेल होने के बाद सिया ने दोबारा ट्रेकिंग का बहाना बनाया और प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के नाम पर केतन को फिर से लोहगढ़ किले की ऊंची चोटी पर ले गई, जहां से उन्हें नीचे धकेल दिया गया. सीक्रेट रिलेशनशिप: जब पुलिस ने मृत्यु की कड़ियों को जोड़ने के लिए सिया के फोन रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी को खंगाला, तो पता चला कि वह पुणे के कोंढवा निवासी चेतन चौधरी के साथ गहरे प्रेम संबंध में थी. वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी.सीसीटीवी ने खोला राज: किले के एंट्री पॉइंट्स और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर केतन की मौत से ठीक पहले चेतन चौधरी को संदिग्ध हालत में किले की तरफ जाते हुए देखा गया, जिससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया.

पिता की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज

लोकल क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सबूतों के आधार पर पहले प्रेमी चेतन चौधरी को हिरासत में लिया. चेतन द्वारा जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने मंगेतर सिया गोयल को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है. केतन के पिता विशाल अग्रवाल की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड में क्या इन दोनों के अलावा कोई और भी मददगार शामिल था या नहीं.

इंदौर के ‌‘राजा रघुवंशी मर्डर‌’ की हूबहू कॉपी

यह पूरी वारदात पिछले साल मेघालय में हुए इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड से पूरी तरह मेल खाती है. 11 मई 2025 को इंदौर के राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी. शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे. वहां 23 मई को राजा अचानक लापता हो गए और 2 जून को उनका शव एक गहरी खाई से मिला था. मेघालय पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि पत्नी सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और साथियों के साथ मिलकर पति को खाई में फेंककर मार डाला था. इस घटना में भी केतन अग्रवाल 18 जून को सिया और उसके प्रेमी ने पुणे के लोहगढ़ किले से केतन को करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था. इसके बाद इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई.