एनजीटी ने मनपा सहित संबंधित एजेंसियाें काे दिए नाेटिस

    24-Jun-2026
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NGT 
 
रामनदी में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की पश्चिम क्षेत्रीय बेंच ने गंभीर संज्ञान लेते हुए पुणे मनपा, पीएमआरडीए, जिला परिषद तथा संबंधित एजेंसियाें काे नाेटिस जारी किए हैं. पूर्व में दिए गए आदेशाें का प्रभावी रूप से पालन नहीं किए जाने के आराेपाें के बाद एनजीटी ने यह कार्रवाई की है.इस मामले की अगली सुनवाई 24 जून 2026 काे हाेगी. उस समय संबंधित एजेंसियाें काे एनजीटी के पूर्व आदेशाें के अनुपालन की प्रगति रिपाेर्ट प्रस्तुत करनी हाेगी.शाश्वत विकास कार्यकर्ता तथा अधिवक्ता क्रुणाल घारे द्वारा रामनदी पुनर्जीवन के संबंध में एनजीटी द्वारा पूर्व में दिए गए आदेशाें के पालन के लिए दायर अनुपालन आवेदन पर यह सुनवाई हुई.
 
आवेदन में आराेप लगाया गया है कि एनजीटी द्वारा निर्धारित समय-सीमा समाप्त हाेने के बाद भी अनेक महत्वपूर्ण कार्याें की उपेक्षा की गई है. आवेदन में उल्लेख किया गया है कि रामनदी क्षेत्र में सीवेज पाइपलाइन का जाल बिछाना, नदी में अशाेधित सीवेज जल का प्रवाह राेकना, वर्षा जल निकासी नालियाें में सीवेज जल के मिश्रण काे राेकना, सीवेज शाेधन व्यवस्था काे सुदृढ़ करना तथा नदी किनारे ठाेस कचरे के जमाव काे राेकने जैसे प्रमुख निर्देशाें का अब तक पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया है. इन आराेपाें काे गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने अनुपालन आवेदन स्वीकार कर लिया है तथा सभी संबंधित प्रतिवादियाें काे अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
 
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिवक्ता क्रुणाल घारे ने कहा कि पुणे मनपा द्वारा कुछ कार्य प्रारंभ किए गए हैं और कुछ हद तक प्रगति भी हुई है. किंतु परियाेजना का बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा है. विशेष रूप से पीवीपीआईटी-बावधन क्षेत्र काे लगभग 25 वर्ष पूर्व मनपा सीमा में शामिल किए जाने के बावजूद इस क्षेत्र में अब तक समग्र सीवेज व्यवस्था का अभाव है. घारे ने पीएमआरडीए, जिला परिषद तथा भूगांव और भुकूम ग्रामपंचायताें की भी आलाेचना की. उन्हाेंने आराेप लगाया कि इन संस्थाओं द्वारा पर्याप्त सीवेज शाेधन संयंत्र स्थापित नहीं किए गए हैं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का आधार लेकर विलंब किया जा रहा है. इसके कारण अशाेधित सीवेज जल आज भी जलस्राेताें में मिल रहा है. उन्हाेंने कहा कि रामनदी के जल की गुणवत्ता में लगातार हाे रही गिरावट काे राेकने के लिए तत्काल उपाय करना आवश्यक है. कुछ साधारण कार्य कुछ ही दिनाें में पूरे किए जा सकते हैं, किंतु वे भी अब तक लंबित हैं.