मेरे घर का कोहिनूर चला गया : विशाल अग्रवाल

दै. ‌‘आज का आनंद‌’ से बात करते हुए दुखी पिता ने व्यक्त की मन की पीड़ा

    24-Jun-2026
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गहुंजे, 23 जून (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 एक बेहद अच्छा लड़का, जिसका कोई कसूर नहीं था, जिसकी इस सब चक्कर में कोई गलती नहीं थी, कोई दोष नही था, उसकी जान चली गई. मेरे घर का तो चिराग चला गया. यह मामला मेरे लिए ज्यादा पीड़ादायक है. मेरा बेटा हमारे घर का कोहिनूर था, इन शब्दों में केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल ने दै.‌‘आज का आनंद‌’ के साथ अपनी पीड़ा साझा की है. उन्होंने बताया कि केतन स्वभाव से बेहद अच्छा था और बिजनेस में होनहार था. बिजनेस में सेल्फ डिसीजन लेनेवाला ऐसा काबिल लड़का था. अगर हमें पहले ही कुछ पता होता या अगर वो लड़की मुझे पहले बता देती, तो हम सगाई ही नहीं करते. मैं खुद ही शादी के लिए मना कर देता. बेहद दुखी मन से अपनी बात बताते हुए केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि मेरा 25 साल का बेटा, आज मुझे छोड़कर चला गया, सिर्फ उस एक लड़की की वजह से. फरवरी में उनका विवाह तय हुआ था. विवाह के लिए उनकी तरफ से ही हमें प्रस्ताव आया था. हम बार-बार कह रहे थे कि भाई, आपकी लड़की अभी 20 साल की भी नहीं हुई है, इतनी जल्दी कौन शादी करता है..? लेकिन उनका कहना था कि, हमें शादी करनी है. इसलिए हम लड़की देखने गए. लड़की जान-पहचान की थी. रिश्तेदारी में से ही थी. लड़की देखकर विवाह तय किया गया. सगाई हो गई. लेकिन, सगाई होने के बाद से हर आठ-दस दिन में उन दोनों के बीच कुछ न कुछ झगड़ा होता रहता था. बेटा बार-बार मुझसे कहता था कि, पप्पा, क्या आपने लड़की के बारे में पूछताछ की है..? लड़की बार-बार झगड़ा कर रही है. बेवजह झगड़ रही है. मैं कहता था कि, लड़की हमारे रिश्ते की है. हमारे चचेरे मामा के साले की लड़की है, उन्होंने हमें ओशासन दिया है और उस ओशासन के भरोसे मैं उससे कहता था कि तू चिंता मत कर. वह लड़की सिर्फ एक ही जिद करती थी कि उसे लोहगढ़ किले पर जाना है. वह एक बार गए थे, लेकिन दूसरी बार हमने उसे नहीं भेजा. तीसरी बार वह फिर से जिद करने लगी कि मेरी और दोस्तों की पार्टी है, हम वहां बर्थडे सेलिब्रेशन करेंगे, मुझे भेजो. मेरी पत्नी उसे बार-बार समझाती थी कि किले पर कोई काम नहीं है,लेकिन उसने बात नहीं मानी. दो बार जाकर आने के बाद भी वह तीसरी बार फिर से वहां जाने की जिद करने लगी. 18 जून को सुबह करीब 8 बजकर 20 मिनट पर केतन घर से निकला. लेकिन पौने ग्यारह बजे मेरी पत्नी को लड़की की मां का फोन आया कि आपका बेटा किले से गिर गया है और आप लोग लोहगढ़ पहुंचे हम वहां पहुंचे. वहां पुलिस पहले ही पहुंच चुकी थी, और स्थानीय लोग भी मदद के लिए मौजूद थे. वे उसे खाई से बाहर निकाल कर लाए.विशाल अग्रवाल ने बताया कि किले से बाहर आने के बाद पुलिस बेटे को हॉस्पिटल ले गई. वहां डॉक्टर ने बेटे को मृत घोषित कर दिया. हमारे यह बात गले ही नहीं उतर रही है कि इतना शार्प लड़का, इस तरह चट्टान से जाकर गिर ही नहीं सकता. गिरने का कोई कारण ही नहीं है. इतना बड़ा लोहगढ़ किला है, हर तरफ रेलिंग लगी है, मुंडेर बने हुए हैं, गिरने की कोई वजह नहीं है. इसके बाद हमने दो-तीन दिनों बाद खुद वहां जाकर मुआयना भी किया, तो हमारे ध्यान में आया कि वह गिर ही नहीं सकता. फिर हमने और पुलिस ने पूरी इन्वेस्टिगेशन की. उन्होंने मेरे बेटे को 18 जून को वहां बुलाया और उसे (दूसरे लड़के को) कहा कि इसे वहां से धक्का दे दो. उसी के अनुसार उन दोनों ने मिलकर मेरे बेटे को धक्का देकर उसकी हत्या की है. मैं अब सिर्फ न्यायालय के सामने और पूरे समाज तथा पूरी दुनिया के सामने अपने बेटे के न्याय के लिए सबसे भीख मांग रहा हूं. मेरा बेटा तो आज हमें छोड़कर 25 साल की उम्र में चला गया. विशाल अग्रवाल ने अंत में कहा कि मेरी सबसे विनती है कि कृपया उसके न्याय के लिए लोग आगे आएं और मेरी मदद करें.
 
 
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  ‌‘सिया को मौत की ही सजा मिलनी चाहिए‌’ - केतन की मां राखी अग्रवाल की मांग

मेरे बेटे केतन की हत्या के मामले में सिया को मौत की ही सजा मिलनी चाहिए, ऐसी मांग केतन की मां राखी अग्रवाल ने की है. बेटे की अचानक हुई मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा है. अपने मन का दुख और गुस्सा व्यक्त करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि केतन की मौत के लिए पूरी तरह से सिया ही जिम्मेदार है. उन्होंने कहा, मैं उसे बहू मानती थी, लेकिन उसने बहुत बड़ा वेिशासघात किया. उसने हमसे झूठ बोला. हमारा 20 लोगों का संयुक्त परिवार है, लेकिन किसी को भी सिया के व्यवहार पर शक नहीं हुआ. उसका व्यवहार भी बहुत सामान्य था. कॉल पर बात करते समय भी वह हमेशा हंसते हुए बात करती थी. हम कई बार शॉपिंग और डिनर पर भी गए, लेकिन उस पर कोई शक नहीं हुआ. वह पहले दो-तीन बार घर आई थी. मैंने उसे साफ बता दिया था कि हमारे घर में शराब नहीं चलती. इसके लिए उसके माता-पिता जिम्मेदार हैं. खास तौर पर उसकी मां पूजा गोयल इसके लिए जिम्मेदार है राखी अग्रवाल ने कहा, सिया के जूते नहीं मिले, उसके मोबाइल की वजह से भी उस पर शक हुआ. मैंने अपने बेटे को उसके साथ नहीं भेजा था, सिया उसे हाथ पकड़कर खींचकर ले गई. उसे मौत की ही सजा होनी चाहिए