एक खास उम्र के बाद परिवार के बड़े सदस्याें की जाे सेवा हम करते हैं, वह सेवा नहीं, बल्कि कर्तव्य है. काैशिक आश्रम संघ के बड़े प्रचारकाें की सेवा करने वाला कर्तव्य का केंद्र भी है, यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भैयाजी जाेशी ने शनिवार काे कही.सारसबाग के नजदीक मित्रमंडल साेसायटी में बने काैशिक आश्रम की पुनर्निमाण की गई नई बिल्डिंग के अवसर पर कृतज्ञता सत्कार समाराेह में वे बाेल रहे थे. कार्यक्रम में संघ के पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत के संघचालक प्रा. नानासाहेब जाधव और संस्था के ट्रस्टी दिवाकर पांडे उपस्थित थे. काैशिक आश्रम के फिर से बनने में अहम याेगदान देने वाले शुभचिंतकाें काे जाेशी, प्राे. जाधव और पांडे ने सम्मानित किया. काैशिक आश्रम न ताे आराम करने की जगह है और न ही यह काेई सर्विस सेंटर है. वरिष्ठ कार्यकर्ता जाे उस उम्र में हैं जहां उन्हें ऐसे अपनेपन, संताेष और खुशी के माहाैल का अनुभव करना चाहिए, वे काैशिक आश्रम में रहेंगे. जाेशी ने कहा. यह बिल्डिंग किसी ऑफिस जैसी नहीं दिखेगी. यह एक घर है, यह एक ऐसी बिल्डिंग है, जहां ऐसा माहाैल अनुभव किया जा सकता है. मैं आपकाे भराेसा दिलाता हूं कि भविष्य में भी यहां संताेष का माहाैल बना रहेगा, भैयाजी जाेशी ने कहा. साथ ही डाॅ. जगदीश करमलकर ने अपने विचार व्यक्त किए. नागेश पाटिल ने सूत्रसंचालन किया.