पुणे मनपा की 17 जून काे आयाेजित सामान्य सभा में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के नगरसेवक गफूरभाई पठाण पर सत्तारूढ़ दल के नगरसेवकाें द्वारा दाैड़कर जाने की घटना सामने आई. इस घटना से मनपात्र के सभागार का माहाैल काफी गर्म हाे गया है और विपक्ष की ओर से इसे काला दिवस बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है. इस घटना के विराेध में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नगरसेवकाें ने अनाेखे तरीके से आंदाेलन किया. नगरसेवकाें ने हेल्मेट पहनकर महापाैर मंजूषा नागपुरे के समक्ष अपना विराेध दर्ज कराया. सत्तारूढ़ दल के नगरसेवकाें के खिलाफ जाेरदार नारेबाजी करते हुए विपक्षी नगरसेवकाें काे सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई.
नगरसेवक अरविंद शिंदे, प्रशांत जगताप, साेपान उर्फ काका चव्हाण, चंदू कदम, नितीन गावड़े सहित अन्य विपक्षी दलाें के सदस्याें ने सभागार की सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर प्रशासन काे कठघरे में खड़ा किया. उन्हाेंने कहा कि सभागार में इस प्रकार की घटनाएं हाेना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य में ऐसी घटनाओं काे राेकने के लिए ठाेस उपाय किए जाने चाहिए. इस बीच, इस घटना के कारण महानगरपालिका का राजनीतिक माहाैल और अधिक गर्म हाेने के संकेत दिखाई दे रहे हैं तथा सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टकराव और अधिक तीव्र हाेने की संभावना व्यक्त की जा रही है.