बुंदेलखंड में 334 कराेड़ के टाेल घाेटाले का पर्दाफाश

    26-Jun-2026
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bundel 
 
यूपी के बुंदेलखंड में 334 कराेड़ टाेल घाेटाले का पर्दाफाश उजागर हुआ है.राेज वसूली के कराेड़ाे रुपए के एग्रीमेंट में गड़बड़ी पर सरकार काे कराेड़ाें डुबा.334 कराेड़ के एग्रीमेंट में सिर्फ 100 रुपए का स्टाम्प लगाकर चूना लगाया. जांच के बाद फर्जीवाडा उजागर 13 कराेड़ की स्टाम्प चाेरी का मामला दर्ज, शीघ्र कई गिरफ्तारियां हाेंगी.उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय मामला सामने आया है. आराेप है कि टाेल वसूली के लिए हुए कराेड़ाें रुपये के एग्रीमेंट में सरकार काे भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया.जांच में खुलासा हुआ कि 333.65 कराेड़ रुपये के टाेल एग्रीमेंट पर महज 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर एग्रीमेंट कर दिया गया.दरअसल, इस मामले का खुलासा विभागीय जांच के दाैरान हुआ. जांच के बाद डीआईजी स्टाम्प ने 13 कराेड़ 34 लाख रुपये से अधिक की स्टाम्प चाेरी का मामला दर्ज कराया है.
 
इसके साथ ही संबंधित पक्षाें से बकाया स्टाम्प शुल्क की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. मामला सामने आने के बाद विभागीयअधिकारियाें की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लाेगाें का आराेप है कि बिना अधिकारियाें की मिलीभगत के इतने बड़े एग्रीमेंट काे इतने कम कीमत के स्टाम्प पर निष्पादित करना संभव नहीं था.बाद में जब विभाग काे एग्रीमेंट की प्रति मिली ताे उसकी जांच में स्टाम्प शुल्क की भारी अनियमितता सामने आई. इसके बाद एआईजी स्टाम्प की अदालत में स्टाम्प चाेरी का वाद दर्ज कराया गया.डीआईजी स्टाम्प ने बताया कि मुकदमादर्ज हाेने के बाद अब संबंधित पक्षाें से 13 कराेड़ 34 लाख रुपये के स्टाम्प शुल्क की वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है.मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लाेगाें ने यूपीडा के कुछ अधिकारियाें और टाेल ठेकेदार की मिलीभगत का आराेप लगाया है. उनका कहना है कि इतने बड़े वित्तीय अनुबंध में स्टाम्प शुल्क की अनदेखी बिना विभागीय स्तर पर सहयाेग के संभव नहीं हाे सकती.