नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था काे लेकर देशभर में बढ़ते छात्र आक्राेश के बीच काॅकराेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा माेर्चा खाेल दिया है. जंतर-मंतर पर लगातार छठे दिन प्रदर्शन कर रहे पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने आराेप लगाया कि छात्राें के लाेकतांत्रिक आंदाेलन काे बदनाम करने के लिए उन्हें आतंकवादी और राष्ट्रविराेधी बताने का नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है.दीपके ने कहा, हम करदाता हैं, हमारे माता-पिता करदाता हैं. फिर हमें आतंकवादी क्याें कहा जा रहा है? क्या छात्राें के सवाल पूछना अब अपराध हाे गया है? उन्हाेंने दावा किया कि पहले किसानाें, डाॅक्टराें और विभिन्न आंदाेलनाें से जुड़े लाेगाें काे भी इसी तरह निशाना बनाया गया था और अब छात्राें की बारी आ गई है. साेशल मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स पर अपना अकाउंट ब्लाॅक किए जाने का मुद्दा उठाते हुए दीपके ने कहा कि संबंधित अधिकारियाें ने कार्रवाई का कारण बताने से इनकार कर दिया. उन्हाेंने सरकार से पूछा कि जब हर चीज काे गाेपनीय बताया जाता है, ताे फिर नीट का प्रश्नपत्र गाेपनीय क्याें नहीं रखा जा सका.
उनका कहना था कि यदि पेपर लीक नहीं हुआ हाेता ताे अनेक छात्राें और परिवाराें काे गंभीर मानसिक पीड़ा का सामना नहीं करना पड़ता. दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि नीट विवाद और परीक्षा प्रणाली में हुई कथित विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय हाेनी चाहिए्. उन्हाेंने आराेप लगाया कि सरकार छात्राें के सवालाें का जवाब देने के बजाय आंदाेलन काे कमजाेर करने की काेशिश कर रही है. वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि कुछ लाेग जानबूझकर शिक्षा व्यवस्था काे पटरी से उतारने की काेशिश कर रहे हैं. उनके अनुसार, लाेकतांत्रिक प्रक्रिया में असफल रहे कुछ समूह नए रूप में सामने आकर व्यवस्था के खिलाफ माहाैल बना रहे हैं उन्हाेंने यह भी कहा कि शिक्षा माफिया और काेचिंग नेटवर्क पर सरकार की कड़ी नजर है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.