राज्यसभा के 37 सांसद गंभीर अपराधाें के आराेपी

    26-Jun-2026
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FIR
एडीआर-नेशनल इलेक्शन वाॅच द्वारा जारी एक रिपाेर्ट के अनुसार, राज्यसभा के लगभग 31 प्रतिशत माैजूदा सांसदाें ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलाें की घाेषणा की है, जबकि उच्च सदन के सदस्याें की औसत संपत्ति 79.54 कराेड़ रुपये है. एसाेसिएशन फाॅर डेमाेक्रेटिक रिफाॅर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वाॅच ने 233 माैजूदा सांसदाें में से 226 के आपराधिक, वित्तीय और अन्य पृष्ठभूमि के विवरणाें का विश्लेषण किया है.वर्तमान राज्यसभा में एक सीट रिक्त है.रिपाेर्ट में कहा गया है कि दाे सांसदाें का विश्लेषण नहीं किया गया है क्याेंकि उनके हलफनामे उपलब्ध नहीं थे और जम्मू और कश्मीर की चार सीटें अनिर्धारित हैं.रिपाेर्ट में कहा गया है कि राज्यसभा के 226 माैजूदा सांसदाें में से 197 (87 प्रतिशत) कराेड़पति हैं और प्रति राज्यसभा सांसद की औसत संपत्ति 79.54 कराेड़ रुपये है.
 
राज्यसभा के 226 सदस्याें में से 71 (31 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलाें की घाेषणा की है और 37 (16 प्रतिशत) ने गंभीर आपराधिक मामलाें की घाेषणा की है. रिपाेर्ट के अनुसार, राज्यसभा के दाे सांसदाें ने हत्या से संबंधित मामले (आईपीसी की धारा 302) और चार सांसदाें ने हत्या के प्रयास से संबंधित मामले (आईपीसी की धारा 307) दर्ज कराए हैं.रिपाेर्ट में कहा गया है कि राज्यसभा के चार सांसदाें ने महिलाओं के खिलाफ अपराधाें से संबंधित मामलाें की घाेषणा की है और इन 4 सांसदाें में से एक, राजस्थान से केसी वेणुगाेपाल (कांग्रेस) ने बलात्कार (आईपीसी की धारा 376) से संबंधित मामले की घाेषणा की है.
 
रिपाेर्ट के अनुसार, भाजपा के 85 राज्यसभा सांसदाें में से 20 (24 प्रतिशत), कांग्रेस के 31 सांसदाें में से 12 (39 प्रतिशत), एआईटीसी के 13 में से तीन (23 प्रतिशत), आरजेडी के छह में से पांच (83 प्रतिशत), सीपीआई (एम) के पांच में से चार (80 प्रतिशत), आम आदमी पार्टी के 10 में से तीन (30 प्रतिशत), वाईएसआरसीपी के नाै में से तीन (33 प्रतिशत) और एनसीपी के चार राज्यसभा सांसदाें में से दाे (50 प्रतिशत) ने अपने हलफनामाें में अपने खिलाफ आपराधिक मामलाें की घाेषणा की है. रिपाेर्ट में कहा गया है कि भाजपा के 85 राज्यसभा सांसदाें में से नाै (11 प्रतिशत), कांग्रेस के 31 सांसदाें में से आठ (26 प्रतिशत), एआईटीसी के 13 राज्यसभा सांसदाें में से एक (8 प्रतिशत), आरजेडी के 6 सांसदाें में से तीन (50 प्रतिशत) और एनसीपी के चार राज्यसभा सांसदाें में से एक (25 प्रतिशत) ने अपने हलफनामाें में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलाें की घाेषणा की है.