वेनेजुएला में गुरुवार भाेर में विनाशकारी भूकंप से 10 हजार लाेगाें की माैत हाे गई. करीब 40 सेकेंड में 7.2 तथा 7.5 तीव्रता के भूकंप ने पूरे देश में भारी तबाही मचाई है.इस तबाही में हजाराें लाेग घायल हाे गए. राजधानी कराकस में चाराें तरफ बर्बादी का मंजर देखा गया. हजाराें घर, बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें एक झटके में जमींदाेज हाे गईं.लाेग आजादी की सालगिरह के चलते छुट्टी का दिन हाेने से ज्यादातर लाेग अपने घराें पर ही थे. पूरे देश में इमरजेंसघाेषित कर दिया है. युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है. अमेरिका-भारत सहित कई देशाें ने मदद का हाथ बढ़ाया है.मरने वालाें की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है. मृतकाें का आंकड़ा एक लाख के पार तक जा सकता है.
विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार 20 ऑफ्टरशाॅक भी दर्ज किए गए हैं. दाेनाें भूकंप राजधानी कराकस से करीब 290 किलाेमीटर पश्चिम में आए. इससे कई शहराें में इमारतें गिर गईं या खतरनाक तरीके से झुक गईं. कराकस एयरपाेर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया. इससे धूल का गुबार उठता दिखाई दिया. वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था. कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी राेड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घाेषित कर दिया.वेनेजुएला के कराकस में रहने वाले 38 वर्षीय इंजीनियर जीसस अलेजांद्राे पीना ने भूकंप के दाैरान का खाैफनाक मंजर बताया. उन्हाेंने कहा कि करीब एक मिनट तक आए झटकाें में ऐसा लगा कि पूरा घर ढह जाएगा. घर का सामान गिरने लगा और हर तरफ चीख-पुकार मच गई.
पीना सात मंजिला इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर रहते हैं. उन्हाेंने बताया कि भूकंप इतना तेज था कि खिड़कियाें के शीशे टूट गए. दीवार पर लगी तस्वीरें और टीवी नीचे गिर गए. इमारत के काॅलम और छत के हिस्से भी क्षतिग्रस्त हाे गए.भूकंपाें के बाद राजधानी कराकस में सैकड़ाें लाेगाें ने पूरी रात सड़काें पर बिताई. कई लाेगाें के घर भूकंप में क्षतिग्रस्त हाे गए, जबकि बड़ी संख्या में लाेग लगातार आ रहे आफ्टरशाॅक के डर से अपने घराें में लाैटने की हिम्मत नहीं जुटा सके. कई परिवार बच्चाें और जरूरी सामान के साथ खुले मैदानाें और सड़काें पर रातभर डटे रहे. लाेगाें काे आशंका है कि क्षतिग्रस्त इमारतें किसी भी समय गिर सकती हैं.