सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (एसपीपीयू) के हाॅस्टल नंबर-9 में 35 कमराें पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने से विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा और आवास व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हाे गए हैं.विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच में पता चला कि पीएचडी शाेधार्थियाें के लिए आरक्षित कई कमराें के ताले ताेड़कर उन पर बिना अनुमति कब्जा कर लिया गया था. जांच के दाैरान कुछ ऐसे बाहरी लाेग भी हाॅस्टल में रह रहे मिले, जिनका यूनिवर्सिटी से काेई संबंध नहीं था.यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, हाॅस्टल नंबर-9 केवल पीएचडी शाेधार्थियाें के लिए आरक्षित है और कमराें का आवंटन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है. हालांकि, पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण कई कमरे लंबे समय से खाली थे, जिसका फायदा उठाकर कुछ लाेगाें ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया.
कुलसचिव डाॅ. प्रफुल्ल पवार ने बताया कि सभी अनधिकृत लाेगाें काे तत्काल कमरे खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. आदेश का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे. उन्हाेंने कहा कि अनधिकृत रूप से रह रहे लाेगाें का विश्वविद्यालय के रिकाॅर्ड में काेई विवरण नहीं था, जिससे सुरक्षा और जवाबदेही दाेनाें पर गंभीर खतरा उत्पन्न हाे गया था.
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि हाॅस्टल की सीमित सुविधाओं का लाभ केवल पात्र छात्राें काे ही मिलना चाहिए्. अवैध कब्जे के कारण याेग्य शाेधार्थी आवास से वंचित हाे रहे हैं.नए शैक्षणिक सत्र काे देखते हुए प्रशासन ने सभी अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है. साथ ही अन्य हाॅस्टलाें में भी इसी प्रकार की जांच चलाने के संकेत दिए गए हैं.यूनिवर्सिटीने दाेहराया है कि हाॅस्टल आवंटन केवल आधिकारिक अनुमति के आधार पर हाेगा और नियमाें का उल्लंघन करने वालाें के खिलाफ मजीराे टाॅलरेंसफ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.