ओं हेतु अधिकारियाें की सेहत दांव पर

    27-Jun-2026
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Health 
 
नेताओं हेतु अधिकारियाें की सेहत दांव परकिसी भी बड़े वीआईपी कार्यक्रम में मेहमानाें के पहुंचने से पहले ही दाे स्थायी आमंत्रित वहां माैजूद रहते हैंफूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के निरीक्षक और स्थानीय पुलिस के कांस्टेबल्. इन दाेनाें की जिम्मेदारी राजनेताओं और वीआईपी लाेगाें के लिए पराेसे जाने वाले भाेजन काे पहले खुद चखकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.इशान कल्याणीकर की रिपाेर्ट के अनुसार, यह खाना चखने की ड्यूटी कभी-कभी 13 दिनाें तक खिंच जाती है, जिससे अधिकारी परेशान हैं. इस प्राेटाेकाॅल के दायरे में राहुल गांधी से लेकर आरएसएस प्रमुख माेहन भागवत तक आते हैं.
 
तीन महीने पहले तक सरकारी डाॅक्टर भी इस टीम का हिस्सा थे, लेकिन मरीजाें की देखभाल का हवाला देकर वे इससे अलग हाे गए्. हाल ही में राकांपा सांसद सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में भी एफडीए निरीक्षकाें काे मेन्यू की हर वस्तु चखनी पड़ी और खाने के सैंपल 72 घंटे तक पुलिस रिकाॅर्ड में सील रखे गए्.सामान्य प्रशासन विभाग और प्राेटाेकाॅल मंत्रालय के इस अनिवार्य नियम के कारण एफडीए कर्मचारियाें काे सप्ताह में आधे समय अपने नियमित काम से अलग रहना पड़ता है. जेजे अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डाॅ. संजय सुरासे के अनुसार, इसका आधिकारिक लिखित आदेश मात्र एक सप्ताह पहले आया है.
 
एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि चार निरीक्षक सप्ताह में 3-4 दिन अनुपलब्ध रहते हैं, जिससे नियमित काम प्रभावित हाेता है. हालांकि, पीएम माेदी या गृहमंत्री अमित शाह के दाैरे पर उनकी अपनी आंतरिक सुरक्षा टीमें खाना चखती हैं. इस ड्यूटी के तहत अधिकारियाें काे साइनाइड परीक्षण और पैकेज्ड वस्तुओं की जांच भी करनी हाेती है. एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि अधिकारियाें काे निर्धारित प्राेटाेकाॅल के तहत काम करना हाेता है और उन्हें काेई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है. दूसरी ओर, एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया, क्या हम प्रयाेग के लिए गिनी पिग हैं? हमारे लिए न ताे यात्रा की व्यवस्था हाेती है और न ही काेई सुविधा.वहीं, प्राेटाेकाॅल सचिव राजेश गावंडे ने इस विषय पर मीडिया के सवालाें का काेई जवाब नहीं दिया.