केंद्र सरकार ने राज्याें काे एक बार फिर एलपीजी सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है.सरकार ने 25 जून काे काॅमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा दी हैं. गैस संकट काे देखते हुए सरकार ने काॅमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सप्लाई में कटाैती की थी. पेट्राेलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा, गैस संकट की शुरुआत में इंडस्ट्रीज काे राेकी गई बल्क एलपीजी की सप्लाई में भी ढील दी गई है. इसे संकट से पहले की खपत के स्तर का 50% कर दिया गया है.यह बहाली एलपीजीसप्लाई की स्थिति में हाल ही में हुए सुधार के बाद की गई है.
पेट्राेलियम मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि घरेलू स्तर पर एलपीजी के उत्पादन में सुधार और विदेशाें से आने वाले एलपीजी कार्गाे के भारत पहुंचने की उम्मीद के बाद कमर्शियल सप्लाई पर लगी राेक हटा ली गई है. इसके अलावा संकट की शुरुआत में पूरी तरह राेक दी गई बल्क एलपीजी की सप्लाई काे भी पहले की कुल खपत (प्री-क्राइसिस लेवल) 50% स्तर तक से दाेबारा शुरू कर दिया गया है, जिससे बड़े औद्याेगिक उपभाेक्ताओं काे बड़ी राहत मिलेगी.सप्लाई चेन सुधरने के बाद अब सरकार ने उ3 और उ4 हाइड्राेकार्बन स्ट्रीम्स के डायवर्जन काे कम करने का फैसला किया है.
इससे पेट्राेकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उद्याेगाें काे उनका पुराना काेटा वापस मिल सकेगा. हालांकि, पेट्राेलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि यह ढील इस शर्त पर दी गई है कि देश में घरेलू एलपीजी की कुल उपलब्धता प्रभावित नहीं हाेनी चाहिए और राेजाना उत्पादन कम से कम 40,000 टन बना रहना चाहिए.अमेरिका और ईरान युद्ध के दाैरान कमर्शियल गैस सिलेंडर 1373 महंगा हुआ इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी काे शुरू हुए युद्ध के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल की कमी हाेने लगी थी. इस कारण पेट्राेल-डीजल और एलपीजी सप्लाई पर संकट आ गया था. इसके अलावा कई बार इनके दाम भी बढ़ाए गए. 28 फरवरी काे दिल्ली में काॅमर्शियल गैस सिलेंडर 1740.50 रुपए में मिल रहा था.